Nautapa 2026: देश के अधिकांश राज्यों में भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और ओडिशा समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी बीच, आज (25 मई 2026) से साल के सबसे गर्म दिन कहे जाने वाले ‘नौतपा’ (Nautapa 2026) की शुरुआत भी हो रही है।
भारतीय पंचांग और विज्ञान के अनुसार, नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे लू (Heatwave), डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे मौसम में खुद को स्वस्थ और कूल रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खानपान में तुरंत बदलाव करने की सलाह दी है।
भूलकर भी न खाएं ये चीजें
Nautapa 2026 के दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जायेगा, इसलिए ऐसी चीजों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए जो शरीर का तापमान बढ़ाती हैं या पचने में भारी होती हैं:
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ज्यादा तला-भुना और ऑयली भोजन: समोसा, कचौड़ी, पूड़ी और फ्राइड स्नैक्स खाने से बचें। यह पचने में भारी होते हैं, जिससे पेट में गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या हो सकती है।
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अत्यधिक मसालेदार और नॉन-वेज: बहुत ज्यादा गरम मसालों से युक्त भोजन और हैवी नॉन-वेजिटेरियन (नॉन-वेज) खाने से परहेज करें। ये चीजें पेट में जलन बढ़ाती हैं, ज्यादा पसीना लाती हैं और डिहाइड्रेशन का कारण बनती हैं।
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फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स: पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और डिब्बाबंद चिप्स में नमक, प्रिजर्वेटिव और ऑयल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर में पानी की कमी को तेजी से बढ़ा देते हैं।
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चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स: चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर को अंदर से सुखाता है। वहीं, ज्यादा शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड जूस पीने से मोटापा और कमजोरी बढ़ती है।
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बासी भोजन: गर्मियों में तापमान अधिक होने से भोजन बहुत जल्दी खराब होता है। बासी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट दर्द का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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नशीले पदार्थ और धूम्रपान: शराब और धूम्रपान शरीर की ऑक्सीजन सप्लाई और वॉटर लेवल को सीधे प्रभावित करते हैं, जिससे अचानक चक्कर आना या हीट स्ट्रोक हो सकता है।
Nautapa 2026 में इन चीजों का करें सेवन, शरीर रहेगा एकदम कूल
Nautapa 2026 से बचने के लिए अपनी रोज की डाइट में हल्की, पानी से भरपूर और ठंडी तासीर वाली चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल करें:
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तरल पदार्थ (Hydrating Drinks): दिनभर में साधारण पानी के अलावा नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी और ताजी पुदीने की चटनी या पना का सेवन करें। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखते हैं।
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पानी से भरपूर फल और सब्जियां: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे मौसमी फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं। इनमें पानी की मात्रा 90% से अधिक होती है।
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हल्का और सुपाच्य भोजन: दोपहर और रात के खाने में मूंग की दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, लौकी, तोरई और सादा दही-चावल जैसी हल्की चीजों को प्राथमिकता दें।
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ओआरएस (ORS) का घोल: यदि धूप या फील्ड वर्क में निकलना मजबूरी हो, तो अपने पास ओआरएस (ORS) का घोल या ग्लूकोज का पानी जरूर रखें, ताकि शरीर में अचानक पानी और नमक की कमी न हो।







