Meta Paid Subscription Plan: अगर आप भी सुबह उठते ही सबसे पहले इंस्टाग्राम रील्स स्क्रॉल करते हैं, फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हैं या वॉट्सऐप पर दोस्तों से चैट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया कंपनी मेटा एक ऐसा कदम उठाने जा रही है, जो हम सभी के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के तरीके को बदल सकता है। जी हां, कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म्स के लिए नए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान लाने की तैयारी कर ली है। इसका मतलब है कि अब कुछ खास फीचर्स, कस्टमाइजेशन और एडवांस एआई टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए आपको हर महीने अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि Meta का यह नया प्लान क्या है और इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
मेटा वन और प्लस वर्जन की शुरुआत
Meta अपने प्लेटफॉर्म्स पर दो अलग-अलग तरह के पेड प्लान्स की टेस्टिंग कर रहा है। इनमें से एक को ‘मेटा प्लस’ वर्जन कहा जा रहा है, जो सामान्य यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिन्हें प्रोफाइल कस्टमाइजेशन और प्राइवेसी से जुड़े टूल्स चाहिए। वहीं, दूसरा प्लान ‘Meta One’ सीरीज है, जो पूरी तरह से एडवांस एआई फीचर्स, क्रिएटर्स और बिजनेस अकाउंट्स पर फोकस करता है। फिलहाल इसकी टेस्टिंग भारत के बाहर कुछ चुनिंदा देशों में शुरू हो रही है, लेकिन जल्द ही इसे ग्लोबली रोल आउट किया जा सकता है।
इंस्टाग्राम प्लस के फीचर्स जो आपको मिलेंगे
अगर आप इंस्टाग्राम के दीवाने हैं, तो कंपनी आपके लिए ‘इंस्टाग्राम प्लस’ लेकर आ रही है। इसके तहत यूजर्स को कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे जो अब तक मुफ्त वर्जन में उपलब्ध नहीं थे। जैसे:
-
स्टोरी री-वॉच ट्रैकिंग: आप यह जान पाएंगे कि आपकी स्टोरी को किसी ने कितनी बार दोबारा देखा है।
-
सीक्रेट स्टोरी व्यूइंग: आप बिना अपना नाम दिखाए किसी की भी स्टोरी चुपके से देख सकेंगे।
-
स्पॉटलाइट स्टोरी: अपनी किसी एक स्टोरी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने (Reach बढ़ाने) के लिए उसे हर हफ्ते स्पॉटलाइट कर पाएंगे।
-
कस्टम ऑडियंस: क्लोज फ्रेंड्स से भी बड़ी और अपनी पसंद की कस्टम ऑडियंस लिस्ट बना सकेंगे।
-
स्टोरी टाइम लिमिट: अपनी स्टोरीज को 24 घंटे से ज्यादा समय तक लाइव रखने का विकल्प मिलेगा।
-
प्रोफाइल और ऐप कस्टमाइजेशन: ऐप के लिए नया कस्टम आइकॉन चुनना, प्रोफाइल बायो के लिए अलग फॉन्ट्स का इस्तेमाल करना और प्रोफाइल पर ज्यादा पोस्ट पिन करने की सुविधा मिलेगी।
-
सर्च और डायरेक्ट हाइलाइट: स्टोरी देखने वालों की लिस्ट में सर्च बार मिलेगा और बिना फीड पर पोस्ट किए सीधे हाइलाइट्स में तस्वीरें जोड़ सकेंगे।
फेसबुक प्लस में क्या होगा खास?
फेसबुक के लिए भी कंपनी ‘फेसबुक प्लस’ वर्जन ला रही है। इसमें यूजर्स को इंस्टाग्राम प्लस की तरह ही प्रोफाइल को सजाने और कस्टमाइज करने के कई बेहतरीन विकल्प मिलेंगे। इसके अलावा जो लोग फेसबुक पर कंटेंट क्रिएशन करते हैं, उन्हें ऑडियंस इनसाइट्स और नए एंगेजमेंट टूल्स दिए जाएंगे, ताकि वे समझ सकें कि लोग उनके कंटेंट को कितना पसंद कर रहे हैं। साथ ही सोशल एक्सप्रेशन के लिए कुछ नए फीचर्स भी इसमें जोड़े जाएंगे।
![]()
वॉट्सऐप प्लस की कीमत और इसके फायदे
वॉट्सऐप का इस्तेमाल हम सब रोज करते हैं। अब इसके प्लस वर्जन के लिए भी आपको पैसे देने होंगे। अगर बात करें वॉट्सऐप प्लस की कीमत की, तो रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए हर महीने लगभग 2.99 डॉलर (यानी करीब 287 रुपये) देने पड़ सकते हैं। इस प्लान को लेने के बाद यूजर्स को ऐप में अलग-अलग थीम्स लगाने का मौका मिलेगा। साथ ही वे अपनी पसंद की कस्टम रिंगटोन्स सेट कर पाएंगे। इसके अलावा चैट लिस्ट में ज्यादा चैट्स को पिन करने का फीचर, प्रीमियम स्टिकर्स और अपनी चैट लिस्ट को पूरी तरह से कस्टमाइज करने के पर्सनलाइज्ड फीचर्स भी इसमें शामिल होंगे। वहीं इंस्टाग्राम और फेसबुक प्लस के लिए करीब 3.99 डॉलर (लगभग 382 रुपये) महीना तय किया गया है।
यह भी पढ़ें: देशभर में Bakrid का त्योहार आज: जानिए इसका इतिहास और महत्व

Meta वन एआई फीचर्स और प्रीमियम प्लान्स की डिटेल
मेटा ने बड़े क्रिएटर्स और उन लोगों के लिए भी प्लान बनाए हैं जो एआई टूल्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए ‘मेटा वन’ के तहत कई कैटेगरी रखी गई हैं:
-
Meta वन प्लस और प्रीमियम: इनकी कीमत क्रमशः $7.99 और $19.99 प्रति माह होगी। यह उन लोगों के लिए है जो फोटो-वीडियो जनरेशन के एडवांस टूल्स और बेहतर रीजनिंग वाले एआई टास्क का इस्तेमाल करना चाहते हैं। हालांकि, सामान्य यूजर्स के लिए बेसिक मेटा एआई हमेशा की तरह मुफ्त रहेगा।
-
Meta वन एसेंशियल: इसकी कीमत $14.99 प्रति माह (लगभग 1,250 रुपये) होगी। इसमें वेरिफाइड ब्लू बैज, फर्जी अकाउंट्स से सुरक्षा और ऑनलाइन पहचान बढ़ाने के लिए बेहतर लिंकशीट जैसे फीचर्स मिलेंगे।
-
Meta वन एडवांस्ड: यह सबसे महंगा प्लान है जिसकी कीमत $49.99 प्रति माह (लगभग 4,150 रुपये) है। इसमें फेसबुक फीड और सर्च में सबसे ज्यादा विजिबिलिटी, एडवांस एनालिटिक्स, पोस्ट शेड्यूलिंग और ओरिजिनल कंटेंट चोरी होने पर अलर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
देखें तो Meta अब पूरी तरह से ‘फ्रीमियम’ मॉडल की तरफ बढ़ रहा है, जहां बेसिक सोशल मीडिया ऐप तो मुफ्त रहेगा, लेकिन किसी भी अच्छे या एडवांस फीचर के लिए आपको पैसे देने होंगे। शुरुआती दौर में इसकी टेस्टिंग सिंगापुर, ग्वाटेमाला और बोलिविया जैसे देशों में अगले हफ्ते से शुरू हो रही है। अब देखना यह है कि जब ये प्लान भारत में पूरी तरह लागू होते हैं, तो भारतीय यूजर्स इन नए फीचर्स के लिए पैसे खर्च करने को कितने तैयार होते हैं।







