Kedarnath Yatra 2026: गौरीकुण्ड से धाम तक भक्तों का सैलाब, कल सुबह 8 बजे खुलेगा धाम का कपाट

Kedarnath Yatra 2026

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Kedarnath Yatra 2026: ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के दर्शनों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली अब अपने धाम के बेहद करीब पहुंच चुकी है और पूरी केदारपुरी को फूलों से सजाया जा रहा है। अगर आप भी इस साल यात्रा की योजना बना रहे हैं या घर बैठे अपडेट लेना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। भक्ति के इस माहौल में जहां हर तरफ 'बम-बम भोले' की गूंज है, वहीं कुछ जमीनी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने का समय

भक्तों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि बाबा के दरबार के कपाट कल यानी बुधवार को सुबह 08:00 बजे खोल दिए जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति ने इसके लिए खास तैयारियां की हैं। मंदिर को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया है, जिससे धाम की रौनक देखते ही बन रही है। कल सुबह होने वाली विशेष पूजा और महा-अभिषेक के बाद ही आम श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे।

बाबा की डोली का सफर और भक्तों का उत्साह

बाबा की पंचमुखी उत्सव डोली सोमवार शाम करीब 4 बजे ही गौरीकुण्ड पहुंच गई थी। सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुण्ड तक श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और अक्षत के साथ बाबा की पालकी का जोरदार स्वागत किया।शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से शुरू हुआ यह भक्तिमय सफर अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। सेना के बैंड की धुनों और श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच डोली आज सुबह गौरीकुण्ड से धाम की ओर बढ़ चुकी है। हजारों लोग इस डोली के पीछे-पीछे पैदल चल रहे हैं, जिससे पूरी केदारघाटी शिव के रंग में रंगी नजर आ रही है।

पैदल मार्ग पर उमड़ी भीड़ और जाम के हालात

आस्था जितनी गहरी है, रास्ते की चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी नजर आ रही हैं। गौरीकुण्ड से लेकर केदारनाथ के मुख्य पैदल मार्ग पर इस समय पैर रखने तक की जगह नहीं है। संकरे रास्तों पर क्षमता से ज्यादा लोग होने की वजह से यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जगह-जगह लग रहे जाम की वजह से यात्रा की रफ्तार काफी धीमी हो गई है।

घोड़े-खच्चरों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी

यात्रा मार्ग पर इस समय पैदल चलने वालों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बेतरतीब ढंग से चल रहे घोड़े-खच्चर बन गए हैं। संकरे रास्तों पर घोड़ों के दबाव के कारण पैदल यात्रियों को किनारे होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को घोड़ों की संख्या और उनके चलने के समय पर थोड़ा नियंत्रण रखना चाहिए ताकि बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने और चलने में आसानी हो सके।

बाबा केदारनाथ के प्रति भक्तों की अटूट आस्था के आगे हर बाधा छोटी नजर आ रही है। अगर आप भी यात्रा पर निकल रहे हैं, तो धैर्य रखें और अपनी सेहत का ध्यान रखें। कपाट खुलने के बाद अगले कुछ दिन भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए अपनी तैयारी पूरी रखें। बाबा के दर्शन शांतिपूर्ण और सुखद हों, यही हमारी कामना है।

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