Indian Railways : भारतीय रेलवे अपने करोड़ों यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठा रहा है। यात्रियों को सफर के दौरान शुद्ध और सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देशभर में 19 रेल नीर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। इन संयंत्रों के जरिए रोजाना लाखों लीटर पीने के पानी की बोतलें तैयार की जा रही हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के लोकसभा सत्र के दौरान एक सवाल के लिखित जवाब में साझा की।
19 प्लांट तैयार कर रहे रोजाना लाखों बोतलें, PPP मॉडल पर नया प्लांट लगाने का प्लान
रेल मंत्री ने बताया कि प्रत्येक रेल नीर प्लांट की दैनिक क्षमता लगभग 1 लाख बोतल पानी तैयार करने की है। वर्तमान में स्टेशनों और प्रमुख ट्रेनों में पैकेज्ड पेयजल की मांग को इन्हीं प्लांटों के जरिए पूरा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत समान क्षमता का एक नया रेल नीर प्लांट लगाने में करीब 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आती है। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी (IRCTC) को सौंपी गई है, जो जरूरतों के आधार पर नए प्लांट स्थापित करता है।
आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशनों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम
संसद में एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने रेलवे की सुरक्षा तैयारियों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आग लगने जैसी अनहोनी को रोकने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। स्टेशनों पर पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, फायर बकेट और रिले-इंटरलॉकिंग रूम में ऑटोमैटिक फायर अलार्म लगाए गए हैं। साथ ही बिजली के शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम का नियमित रखरखाव किया जाता है। आग लगने की स्थिति में कंट्रोल फोन के जरिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) की पावर सप्लाई को तुरंत काटने की सुविधा भी उपलब्ध है।
फ्रंटलाइन स्टाफ को स्पेशल ट्रेनिंग और 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनें तैनात
आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए रेलवे अपने अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देता है। स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), लोको पायलट और टिकट क्लर्कों के ट्रेनिंग मॉड्यूल में अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए पूरे रेल नेटवर्क पर 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनें, 100 उच्च क्षमता वाली क्रेनें और 170 एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट तैनात हैं।
यह भी पढ़ें: 7.23% से ज्यादा फीस बढ़ाना पड़ा भारी! Noida-Greater Noida के 7 स्कूलों पर एक्शन | DD News Uttar Pradesh







