FSSAI Strict Rules 2026: अखबार में समोसा-पकौड़ा खाना पड़ेगा भारी, सरकार ने लगाया देशव्यापी प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी जेल | DD News UP

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FSSAI Strict Rules: देश भर में चाय की दुकानों, रेहड़ियों, ठेलों और छोटे-बड़े होटलों पर अखबार में समोसा, पकौड़ा, कचौड़ी या अन्य तली हुई चीजें रखकर ग्राहकों को देने का चलन बेहद पुराना और आम है। आम लोग भी बिना सोचे-समझे इन विज्ञापनों और खबरों वाले पन्नों पर रखकर चाव से खाना खाते हैं। लेकिन अब ऐसा करने वाले और इस तरह भोजन परोसने वाले दुकानदारों पर सरकार का कड़ा हंटर चलने वाला है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अखबारों में खाद्य पदार्थों को परोसने और उन्हें पैक करने पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया है। FSSAI ने साफ कर दिया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सेहत के लिए बेहद खतरनाक है अखबार की स्याही

खाद्य सुरक्षा नियामक (FSSAI) के मुताबिक, अखबारों में इस्तेमाल होने वाली छपाई की स्याही (इंक) में कई तरह के हानिकारक रसायन और भारी धातुएं होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हैं। जब गर्म और तली हुई चीजें अखबार के संपर्क में आती हैं, तो यह जहरीली स्याही भोजन में आसानी से मिल जाती है। यह रसायनिक तत्व इंसानी शरीर के भीतर पहुंचकर कैंसर, पेट की गंभीर बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकारों का मुख्य कारण बनते हैं। इसी वजह से जनता की सेहत के साथ होने वाले इस खिलवाड़ को रोकने के लिए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नए नियमों के तहत यदि कोई भी छोटा या बड़ा दुकानदार, होटल संचालक या रेहड़ी-ठेला लगाने वाला व्यक्ति खाने-पीने की चीजें अखबार में पैक करके या परोसते हुए पाया जाता है, तो उसे सीधे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

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जमीनी स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश

इस देशव्यापी प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए FSSAI ने सभी राज्यों के स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और प्रशासन को जमीनी स्तर पर औचक निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाजारों, सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के पास लगने वाले ठेले-खोमचों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि इस जानलेवा लापरवाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। प्रशासन ने सभी छोटे-बड़े खाद्य व्यवसायियों और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे अखबारों की जगह खाद्य पदार्थों को परोसने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित और प्रमाणित बटर पेपर, केले के पत्ते या अन्य सुरक्षित विकल्पों का ही उपयोग करें। नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान या विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा और उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

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