Supreme Court में इन 5 जजों की नियुक्ति को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, जानिए किन नामों को मिली जगह

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देश की सर्वोच्च अदालत यानी Supreme Court से एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी गई है। चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने हाल ही में इन पांच नामों की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजी थी, जिसे अब President Droupadi Murmu ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को खुद सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि इस बार किन दिग्गजों को शीर्ष अदालत में जगह मिली है।

चार राज्यों के मुख्य न्यायाधीश और एक सीनियर वकील शामिल

विधि मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, Supreme Court में इन 5 जजों की नियुक्ति के तहत चार अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों (चीफ जस्टिस) को प्रमोट किया गया है, जबकि एक वरिष्ठ वकील को सीधे सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है।

इस सूची में शामिल नाम इस प्रकार हैं:

  • बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रशेखर

  • पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा

  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली

  • सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना

केंद्रीय कानून मंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चीफ जस्टिस से सलाह के बाद इन नियुक्तियों को हरी झंडी दिखाई है।

वकालत से सीधे जज बनने का सफर

इन नियुक्तियों में सबसे दिलचस्प नाम वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना का है। वह देश की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हो गई हैं जो वकालत के पेशे से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनी हैं। एक ऐसे परिवार में जन्म लेने के बाद, जिसका कानून से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था, उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। साल 1983 में जब भारत में पहली बार 5 साल का लॉ कोर्स शुरू हुआ था, तब वह कोयंबटूर लॉ कॉलेज के पहले बैच की छात्रा थीं।

यह भी पढ़ें: ‘जल है तो हम हैं’, पर्यावरण दिवस पर CM Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों को लिखी खास पाती

शीर्ष अदालत में अब बढ़ेगी जजों की संख्या

इन नई नियुक्तियों के साथ ही Supreme Court में जजों की संख्या को लेकर भी बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत जजों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार संसद के आने वाले सत्र में इससे जुड़ा एक नया बिल भी पेश करने वाली है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के मुताबिक, देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीशों की संख्या तय करने या बढ़ाने का पूरा अधिकार सिर्फ देश की संसद के पास होता है।

Supreme Court में जजों की कमी को दूर करने और मामलों की जल्द सुनवाई के लिहाज से यह नियुक्तियां बेहद जरूरी थीं। अलग-अलग राज्यों के अनुभवी जजों और एक सीनियर वकील के आने से न्यायपालिका के काम में और तेजी आएगी। यह कदम आम जनता को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में काफी मददगार साबित होगा।

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