Share Market Trading Time: यदि आप शेयर बाजार (Stock Market) में एक्टिव रूप से ट्रेडिंग या निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बाजार के संचालन को और अधिक सुचारू बनाने के लिए ट्रेडिंग के समय में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत ट्रेडर्स को अब 10 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। नए नियमों के मुताबिक, इस साल 3 अगस्त से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट का क्लोजिंग टाइम 10 मिनट के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जो F&O मार्केट अब तक शाम 3:30 बजे बंद हो जाता था, वह आगामी अगस्त महीने से 3 बजकर 40 मिनट पर क्लोज होगा। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि यह बदलाव केवल F&O सेगमेंट के लिए ही प्रभावी है; सामान्य कैश मार्केट (Cash Market) की टाइमिंग में कोई फेरबदल नहीं किया गया है और वह पहले की तरह ही शाम 3:30 बजे बंद होगा।
बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडर्स को मिलेगा बेहतर मौका
मार्केट एक्सपर्ट्स और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रेडिंग समय में इस 10 मिनट की बढ़ोतरी से निवेशकों और विशेषकर इंट्राडे ट्रेडर्स को काफी सहूलियत होने वाली है। यह अतिरिक्त समय मिलने से ट्रेडर्स को बाजार की अंतिम चाल को गहराई से समझने और अपने ओपन सौदों (पोजीशंस) को अधिक समझदारी व बेहतर तरीके से सेटल करने का मौका मिलेगा। विशेषकर उन दिनों में जब ग्लोबल संकेतों या घरेलू कारणों से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिलता है, यह आखिरी के 10 मिनट ट्रेडर्स के लिए काफी गेम-चेंजर और नुकसान से बचाने वाले साबित हो सकते हैं।
फ्यूचर्स सेगमेंट के लिए क्लोजिंग प्राइस तय करने का बदलेगा नियम
समय सीमा में बदलाव होने के कारण फ्यूचर्स सेगमेंट के लिए क्लोजिंग प्राइस (Closing Price) की गणना की समय अवधि में भी आवश्यक सुधार किया गया है। बाजार में क्लोजिंग भाव तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाला वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) फॉर्मूला पहले की तरह ही लागू रहेगा, लेकिन इसके कैलकुलेशन का टाइम फ्रेम बदल जाएगा। जहां पहले दोपहर 3:00 बजे से लेकर 3:30 बजे तक के VWAP के आधार पर क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता था, वहीं अब नए नियम के तहत दोपहर 3:10 बजे से लेकर शाम 3:40 बजे के बीच होने वाले ट्रेड के VWAP से अंतिम क्लोजिंग भाव निर्धारित किया जाएगा।
Share Market की कार्यक्षमता और निवेशकों की सुविधा बढ़ाने के लिए फैसला
बाजार नियामक और स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा समय-समय पर ट्रेडिंग सिस्टम को आधुनिक और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए इस तरह के सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत यह बड़ा फैसला लिया गया है ताकि भारतीय Share Market की कार्यक्षमता (Efficiency) को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। नियमित रूप से बाजार में काम करने वाले सभी शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस नए टाइम टेबल को अच्छी तरह नोट कर लें, ताकि अगस्त महीने से ट्रेडिंग के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे समय रहते अपने वित्तीय निर्णय ले सकें।
