Cyclone Arnab : चक्रवात अर्नब के असर के बीच प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। केंद्र सरकार प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार राज्यों को सहायता देने के लिए तैयार है। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भेजी जाएंगी। इन टीमों की रिपोर्ट से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और आगे की सहायता की जरूरत का आकलन करने में मदद मिलेगी।
राहत और बचाव कार्यों पर नजर
चक्रवात के कारण कई क्षेत्रों में तेज बारिश और खराब मौसम का असर देखने को मिला। ऐसे में प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना, जरूरी सेवाओं को बहाल करना और नुकसान का आकलन करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्र और राज्य की आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत कार्यों में समन्वय कर रही हैं। केंद्रीय टीमों के दौरे के बाद नुकसान और अतिरिक्त सहायता की जरूरत को लेकर आगे के कदम तय किए जा सकते हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने बताई थी नुकसान की स्थिति
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 28 अक्टूबर को अमित शाह से फोन पर बात की थी। उन्होंने राज्य में चक्रवात के कारण कृषि और बागवानी फसलों, बिजली व्यवस्था, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी दी थी।
नायडू ने प्रभावित जिलों में भारी बारिश के बीच राहत और बचाव अभियान चलाए जाने की बात भी कही थी। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने और प्रभावित क्षेत्रों के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात तक चक्रवात अर्नब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। इसके असर से आंध्र प्रदेश के अलावा दक्षिणी ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मौसम पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई थी।







