UP Government Scheme : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के किसानों और आपदा पीड़ितों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने आपदा राहत के मानकों में बड़ा बदलाव करते हुए राहत राशि में भारी इजाफा किया है। इस नए आदेश के तहत प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को अब दोगुनी आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
यूपी आपदा राहत राशि बढ़ोतरी
सरकार द्वारा जारी नए मानकों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली 4 लाख रुपये की राहत राशि को बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को भी इस बढ़ी हुई राहत राशि का सीधा लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 4 नवंबर 2026 तक हुए सभी नुकसान पर लागू होगी, जिसकी भरपाई राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत की जाएगी।
फसलों और कृषि भूमि के नुकसान पर बढ़ा मुआवजा
किसानों के लिए फसलों के नुकसान पर मिलने वाली मुआवजा राशि में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है:
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सिंचित क्षेत्र: फसल नुकसान पर अब 17 हजार की जगह 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे।
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वर्षा आधारित (असिंचित) क्षेत्र: 8,500 की जगह 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद दी जाएगी।
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बारहमासी फसल व कृषि वानिकी: सहायता राशि 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है।
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रेशम उत्पादन: एरी, शहतूत और टसर पर 6,000 की जगह 7,800 रुपये तथा मूगा रेशम पर 7,500 की जगह 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है।
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भूमि सुधार: कृषि भूमि से गाद हटाने के लिए 23 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और भूस्खलन/हिमस्खलन से भूमि क्षति पर 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी।
पशुपालकों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए नई दरें
आपदा में मवेशियों की क्षति पर भी पशुपालकों को राहत दी गई है। बड़े दुधारू पशुओं की मौत पर सहायता 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, छोटे पशुओं (बकरी, भेड़, सूअर) पर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये और भार ढोने वाले पशुओं पर 25,400 रुपये कर दी गई है।
इमारतों की क्षति को लेकर मैदानी इलाकों में पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी इलाकों में 2.06 लाख रुपये दिए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तथा माध्यमिक विद्यालय व पॉलिटेक्निक के लिए 26 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है।
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