उत्तर प्रदेश में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले कानून-व्यवस्था और सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान CM Yogi Adityanath ने सड़कों पर नमाज पढ़े जाने के मुद्दे पर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य में किसी को भी सड़कों पर यातायात बाधित करने या अव्यवस्था फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य में आने वाले दिनों में प्रमुख त्योहार मनाए जाने हैं और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट पर है।

प्यार से मानें तो ठीक, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे
कार्यक्रम में बोलते हुए CM Yogi ने कहा कि सड़कों पर नमाज कतई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी की धार्मिक स्वतंत्रता या प्रार्थना को नहीं रोक रही है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक रास्तों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा:
“नमाज पढ़नी है तो उसके लिए तय की गई जगहों और परिसरों के अंदर ही पढ़िए। अगर नमाज पढ़ने वालों की संख्या ज्यादा है, तो आप अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ लीजिए, लेकिन सड़क जाम करके आम जनता को परेशान करने का अधिकार किसी को नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग संख्या ज्यादा होने की बात कहते हैं, लेकिन सभी को व्यवस्था के दायरे में रहकर ही काम करना होगा। राज्य में कानून का राज सबके लिए बराबर है और जो लोग सीधे तरीके से बात नहीं समझेंगे, उनके खिलाफ प्रशासन अपने तरीके से सख्ती से निपटेगा।

बरेली के बवाल का जिक्र और सुरक्षा पर कड़ा संदेश
अपने संबोधन के दौरान CM Yogi ने पिछले साल सितंबर 2025 में बरेली में हुए विवाद और पथराव की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बरेली में कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें प्रशासन की ताकत का अंदाजा मिल गया। किसी को भी शहर का माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2022-23 में ही एक आदेश जारी कर ईद, अलविदा जुमा या किसी भी अन्य विशेष अवसर पर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। सरकार का स्पष्ट नियम है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम सिर्फ ईदगाह, मस्जिदों या प्रशासन द्वारा तय किए गए पारंपरिक स्थलों के अंदर ही होने चाहिए।
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कट्टे-बम के दौर से मिसाइल बनाने तक का सफर
सड़कों पर नमाज के मुद्दे के अलावा CM Yogiआदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते माहौल, निवेश और विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब इस राज्य की पहचान अवैध हथियारों (कट्टों) और बमों से होती थी, लेकिन आज यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है।
उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) नीति की तारीफ करते हुए कहा कि अगर राज्य में नकारात्मक माहौल होता है, तो ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पैदा होता है। वहीं जब सकारात्मक और सुरक्षित माहौल मिलता है, तो उद्योग फलते-फूलते हैं। इसी सुरक्षित माहौल की वजह से यूपी में तेजी से निवेश आ रहा है और राज्य जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
महिला सुरक्षा और रेवेन्यू सरप्लस स्टेट
मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला सुरक्षा के दावों को मजबूत बताते हुए कहा कि पहले जहां महिलाएं दिन में भी घर से निकलने में हिचकती थीं, वहीं आज वे बेखौफ होकर नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से बाहर निकलकर पिछले छह सालों से लगातार एक ‘रेवेन्यू सरप्लस’ (राजस्व फायदे वाला) राज्य बना हुआ है। अब प्रदेश को अपनी विकास योजनाओं के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती और सभी 75 जिलों का संतुलित विकास किया जा रहा है।
लखनऊ के इस मंच से CM Yogiआदित्यनाथ ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। सड़कों पर नमाज को लेकर दिया गया यह कड़ा संदेश यह दिखाता है कि प्रशासन त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या यातायात में बाधा को बर्दाश्त नहीं करेगा। धार्मिक आस्था का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन वह आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले त्योहारों में स्थानीय प्रशासन इस आदेश का जमीन पर कितना सख्ती से पालन करवाता है।
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