CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा: अंकों से हैं असंतुष्ट? 1 जून से खुलेगा Re-evaluation पोर्टल

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CBSE 12वीं के नतीजे आने के बाद से ही बहुत से छात्र अपने मार्क्स को लेकर थोड़े उलझन में हैं। कई बार ऐसा होता है कि हमें उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं मिलते, या फिर लगता है कि कहीं न कहीं कॉपी जांचने में कोई चूक रह गई है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है, तो चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 1 जून 2026 से अपना Re-evaluation और वेरिफिकेशन पोर्टल शुरू करने जा रहा है। इस कदम का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाना है, ताकि किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी न हो। आइए जानते हैं कि इस बार के नियम क्या हैं और आप कैसे अप्लाई कर सकते हैं।

दो चरणों में बंटी है पूरी प्रक्रिया

इस बार बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत के लिए कॉपी की जांच से जुड़ी इस पूरी व्यवस्था को दो अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है।

पहले चरण में उन छात्रों को मौका दिया गया था जो अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका (आंसर शीट) की स्कैन कॉपी देखना चाहते थे। इसके लिए 19 मई से 25 मई तक आवेदन लिए गए थे। अब 1 जून से इसका दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस चरण में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका में रह गई गलतियों को सुधारने के लिए दावा कर सकेंगे और उन सवालों के नंबर दोबारा जुड़वा सकेंगे जिन्हें लेकर उन्हें संदेह है।

Re-evaluation के लिए आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप भी अपने नंबर बढ़वाने या दोबारा जांच के लिए मन बना रहे हैं, तो जल्दबाजी में सीधे फॉर्म न भरें। री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले आपको कुछ जरूरी तैयारियां कर लेनी चाहिए।

सबसे पहले अपनी जो स्कैन कॉपी डाउनलोड की है, उसे आराम से बैठकर देखें। बोर्ड की ऑफिशियल मार्किंग स्कीम से अपने उत्तरों का मिलान करें। जहां भी आपको लगता है कि इस उत्तर के लिए सही नंबर नहीं दिए गए हैं या टोटल करने में कोई गलती हुई है, उसे एक जगह नोट कर लें। जब आप पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं, तभी तय करें कि आपको सिर्फ नंबरों का वेरिफिकेशन (जोड़) करवाना है या फिर किसी खास सवाल का री-इवैल्यूएशन कराना है। सही प्लानिंग से किया गया आवेदन हमेशा फायदेमंद रहता है।

केवल इन्हीं छात्रों को मिलेगा दोबारा जांच का मौका

यहाँ एक बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह सुविधा हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं होगी। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि री-इवैल्यूएशन का फॉर्म केवल वही छात्र भर सकते हैं जिन्होंने पहले चरण में अपनी कॉपी की फोटोकॉपी या स्कैन कॉपी मंगवाने के लिए अप्लाई किया था। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि छात्र पहले खुद अपनी गलतियां देख लें, और बिना वजह पोर्टल पर दबाव न बढ़े।

फीस कम होने से पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को मिली बड़ी राहत

अक्सर देखा गया है कि री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की महंगी फीस के चक्कर में कई छात्र चाहकर भी अपनी कॉपियां दोबारा चेक नहीं करवा पाते थे। इस बार बोर्ड ने इस शिकायत को दूर करते हुए इन सेवाओं के शुल्क में कटौती की है। कम फीस होने की वजह से अब मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे भी बिना किसी आर्थिक तनाव के अपनी शंकाओं को दूर कर सकेंगे।

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किसी भी मदद या शिकायत के लिए यहाँ संपर्क करें

यदि आपको फॉर्म भरने में कोई तकनीकी दिक्कत आ रही है या रिजल्ट से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप सीधे बोर्ड से मदद ले सकते हैं। इसके लिए CBSE ने एक टोल-फ्री टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन नंबर 1800 11 8004 जारी किया है। इसके अलावा, आप अपनी समस्या लिखकर resultcbse2026@cbseshiksha.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं।

1 जून का दिन उन हजारों छात्रों के लिए बहुत बड़ा है जो अपने नंबरों से खुश नहीं हैं। यह पोर्टल आपको अपनी मेहनत का सही फल पाने का एक और मौका दे रहा है। तो देर किस बात की, 1 जून को जैसे ही पोर्टल खुले, CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरे ध्यान से अपना आवेदन दर्ज करें। ऑल द बेस्ट!

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