भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary रविवार को Kanpur dehat के संगठनात्मक दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले में कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया और आगामी चुनावों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ रणनीति तैयार की। कानपुर देहात पहुंचने पर स्थानीय नेताओं और भारी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसका कार्यकर्ता सिर्फ चुनावी सीजन में नहीं, बल्कि पूरे साल जनता के बीच सक्रिय रहता है। संगठन की इसी निरंतरता के दम पर उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा साल 2017 से भी बड़े बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी।

आरएसएस के वरिष्ठ नेता रज्जन लाल मिश्रा से की शिष्टाचार मुलाकात
जिले में अपने दौर की शुरुआत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे रज्जन लाल मिश्रा के आवास पर पहुंचे। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उनके साथ भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत स्थानीय विधायक और सांसद भी मौजूद रहे। वरिष्ठ नेताओं की इस मौजूदगी में संगठन को और अधिक गतिशील बनाने पर अनौपचारिक चर्चा हुई।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का दिया मंत्र
इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सीधे जिला भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन को बूथ स्तर तक बेहद मजबूत बनाना और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था। उन्होंने साफ किया कि आगामी चुनावों में जीत की कुंजी मजबूत बूथ प्रबंधन में ही छिपी है, इसलिए सभी कार्यकर्ता अभी से पूरी ताकत के साथ जमीनी स्तर पर जुट जाएं।

विपक्ष पर साधा निशाना, भोगनीपुर के कार्यक्रम में हुए शामिल
बैठक के दौरान पंकज चौधरी ने विपक्षी ‘INDI’ गठबंधन पर भी जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और डीएमके जैसी पार्टियों का पुराना गठबंधन अब कमजोर पड़ चुका है और देश में कई क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक जमीन खिसक रही है। इसके बाद वे भोगनीपुर में आयोजित एक अन्य स्थानीय कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए। भाजपा नेतृत्व का यह दौरा 2027 के चुनावी रण से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने और जमीनी पकड़ को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
