बरेली GST फ्रॉड: करोड़ों का फर्जी ITC घोटाला, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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बरेली में GST फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। जांच में सामने आया कि गौरव अग्रवाल ने अपने साथी योगेश शर्मा के साथ मिलकर फर्जी फर्मों का जाल बिछाया और बोगस इनवॉइस व ई-वे बिल के जरिए अवैध रूप से जीएसटी रिफंड हासिल किया। इस रैकेट से राजस्व को करीब 14 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचने का अनुमान है, जबकि कुल फ्रॉड 20 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य कर विभाग की तहरीर पर थाना बिथरी चैनपुर में मामला दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना अपराध शाखा की SIT कर रही है। अभिलेखीय साक्ष्य, बैंक लेनदेन और साइबर एनालिसिस के आधार पर पुलिस ने 25 जनवरी 2026 को आरोपी गौरव अग्रवाल को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने गौरव अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है।

पुलिस के अनुसार, गौरव अग्रवाल ने अपने साथी योगेश शर्मा के साथ मिलकर ‘श्री श्याम ट्रेडर्स’ नामक फर्जी फर्म बनाई थी। इस फर्म के माध्यम से फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर लगभग 14 करोड़ रुपये का GST फ्रॉड किया गया। शुरुआती जांच में कुल धोखाधड़ी की राशि 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

मुकदमा और जांच 

राज्य कर अधिकारी अविनाश दीक्षित के निर्देशन में थाना बिथरी चैनपुर में मामला दर्ज किया गया। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अपराध के नेतृत्व में गठित SIT ने बैंक ट्रांजैक्शन, दस्तावेज़ और साइबर एनालिसिस के आधार पर कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने 25 जनवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे आरोपी को उसके आवास से गिरफ्तार किया।

पूछताछ और खुलासे

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई वर्षों से मेरठ, दिल्ली, बिहार, बंगाल और उत्तराखंड में फर्जी फर्म पंजीकृत कर बोगस ITC पास-ऑन और GST रिफंड ले रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि:

  • किराये की दुकानों पर फर्जी पते दिखाए जाते थे।

  • खाली वाहनों के जरिए फर्जी माल परिवहन दिखाया जाता था।

  • भुगतान हवाला नेटवर्क के माध्यम से किया जाता था।

डिजिटल साक्ष्य और आगे की कार्रवाई

आरोपी के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें फर्जी इनवॉइस, ई-वे बिल और व्हाट्सएप चैट डेटा मिला। इन डिजिटल सबूतों का फॉरेंसिक परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

यह भी पढ़ें: India-EU FTA: मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ा कदम, ‘Mother Of All Deals’ से बदलेगा वैश्विक व्यापार

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