India-EU FTA: मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ा कदम, ‘Mother Of All Deals’ से बदलेगा वैश्विक व्यापार

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भारत यूरोपीय संघ सहयोग विस्तार की दिशा में आज का दिन अहम माना जा रहा है। भारत और य़ूरोपीय संघ ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिये अपनी बातचीत सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ आज बैठक करेंगे। भारत यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में आर्थिक और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन बैठक में यूरोपीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करेंगे। 2007 से शुरु हुई बातचीत आखिरकार साल 2026 में समझौते का रूप ले रही है। करीब दो दशक की लंबी और जटिल बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दहलीज पर हैं। जिससे दोनों के आर्थिक रिश्तों को नयी दिशा मिलने वाली है।

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच आज ऐतिहासिक India-EU Free Trade Agreement (FTA) का ऐलान होने जा रहा है, जिसे यूरोपीय नेतृत्व ने खुद ‘Mother Of All Deals’ करार दिया है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नए बाजारों से जोड़ते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है। ओमान और न्यूजीलैंड के बाद अब यूरोपीय यूनियन के साथ यह मेगा ट्रेड डील भारत के वैश्विक व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है।

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EU Deal से ट्रंप टैरिफ की भरपाई संभव

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हाल ही में 77वें गणतंत्र दिवस पर भारत की मुख्य अतिथि रहीं और इसके बाद 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। उन्होंने India-EU FTA को सबसे बड़ी और ऐतिहासिक डील बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को यूरोप में बड़े अवसर मिलेंगे, जिससे अमेरिकी टैरिफ से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।

व्यापार और निवेश को मिलेगा नया बूस्ट

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और 27 जनवरी को इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह समझौता संतुलित, दूरदर्शी और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी है। इसके लागू होने के बाद भारत-EU आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी तथा यह डील अगले वर्ष प्रभावी हो सकती है।

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भारत-EU के बीच कितना बड़ा है कारोबार

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, यह एफटीए घरेलू उद्योगों की लागत घटाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद करेगा।

FY2025 में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा।

  • भारत का आयात: 60.7 अरब डॉलर

  • भारत का निर्यात: 75.9 अरब डॉलर

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किन सेक्टर्स में ज्यादा आयात-निर्यात

EU से भारत का आयात

  • हाई-एंड मशीनरी

  • इलेक्ट्रॉनिक्स

  • विमान

  • मेडिकल और साइंटिफिक उपकरण

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भारत से EU का निर्यात

  • रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन

  • टेक्सटाइल्स

  • फार्मा और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स

  • जेम्स एंड ज्वेलरी

90% से ज्यादा सामान होंगे सस्ते

अधिकारियों के मुताबिक, इस FTA के तहत 90% से अधिक उत्पादों पर टैरिफ में कटौती या पूरी तरह समाप्ति संभव है। इससे कपड़ा, फार्मा, आईटी सर्विसेज, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।

India-EU FTA से भारत को बड़े फायदे

  • 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक आसान पहुंच

  • EU के 45 करोड़ उपभोक्ताओं तक भारतीय कंपनियों की सीधी एंट्री

  • निर्यात में तेज़ बढ़ोतरी

  • विदेशी निवेश (FDI) में उछाल

  • रोजगार के नए अवसर

  • सप्लाई चेन मजबूत, चीन पर निर्भरता में कमी

संभावित चुनौतियां भी रहेंगी

जहां एक ओर फायदे बड़े हैं, वहीं कुछ जोखिम भी नजर आते हैं। यूरोपीय कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से मजबूत हैं, जिससे भारतीय MSME और छोटे उद्योगों पर दबाव पड़ सकता है।

हालांकि अब तक भारत ने अपने अधिकतर ट्रेड एग्रीमेंट्स में कृषि और डेयरी सेक्टर को बाहर रखा है। अगर यूरोपीय डेयरी या एग्री प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में एंट्री मिलती है, तो किसानों पर असर पड़ सकता है—लेकिन इसकी संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें: 77वां गणतंत्र दिवस… देशभक्ति और उत्साह का माहौल, सीएम योगी ने अपने आवास पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज

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