Ayodhya News : अगर आप प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या घूमने का प्लान बना रहे हैं, या फिर वहां रहकर कोई बिजनेस या नौकरी करने की सोच रहे हैं, तो यह नई अपडेट आपके लिए बहुत जरूरी है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के बाद से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी को देखते हुए रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को और भी ज्यादा मजबूत और चाक-चौबंद बनाने के लिए यूपी पुलिस ने एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब अयोध्या में किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काम करना मुमकिन नहीं होगा।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की बड़ी पहल
अयोध्या की गरिमा और यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। इसी वजह से पुलिस ने अब एक खास अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अयोध्या के सभी होटलों, ढाबों, होम-स्टे और अन्य छोटे-बड़े कमर्शियल सेंटर्स में काम करने वाले कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। पुलिस का मकसद यह है कि रोजगार के बहाने कोई भी संदिग्ध या आपराधिक बैकग्राउंड वाला व्यक्ति शहर में छिपकर न रह सके। इस कदम से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय दुकानदारों और होटल मालिकों को भी इस बात की तसल्ली रहेगी कि उनके यहां काम करने वाले लोग भरोसेमंद हैं।
डिजिटल तरीके से तैयार हो रहा है पूरा डेटाबेस
यह पूरी वेरिफिकेशन प्रोसेस बहुत ही आधुनिक और डिजिटल तरीके से की जा रही है। पहले चरण में पुलिस ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करना शुरू कर दिया है। आंकड़ों की बात करें तो कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में अब तक करीब 1400 कर्मचारियों के डॉक्यूमेंट्स जमा कराए जा चुके हैं, जिनमें से 500 का वेरिफिकेशन पूरा भी हो चुका है। वहीं, रामजन्मभूमि थाना क्षेत्र में भी 2170 कर्मचारियों के दस्तावेज मिल चुके हैं और 300 लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। राहत की बात यह है कि अब तक की जांच में किसी भी कर्मचारी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
घर बैठे मोबाइल से हो जाएगा सारा काम
इस पूरे अभियान की सबसे अच्छी बात यह है कि पुलिस इसके लिए ‘यूपी कॉप ऐप’ (UP Cop App) का इस्तेमाल कर रही है, जो कि उत्तर प्रदेश पुलिस का ऑफिशियल एप्लीकेशन है। इस ऐप में पुलिस वेरिफिकेशन के लिए एक स्पेशल ऑप्शन दिया गया है। कोई भी मालिक या कर्मचारी सीधे गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड करके बहुत ही आसानी से ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है। इस डिजिटल सिस्टम की वजह से अब किसी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और पुलिस के पास भी हर एक बाहरी कामगार की सटीक और डिजिटल जानकारी हमेशा मौजूद रहेगी।
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