Assam Flood Crisis : असम में बाढ़ से मची तबाही ने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के हालात का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को साफ शब्दों में कहा कि असम में बाढ़ से हुआ नुकसान बहुत बड़ा है और स्थितियों को पूरी तरह से सामान्य होने में अभी थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने आपदा की इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
1.6 लाख लोग प्रभावित और मौतों का आंकड़ा 95 पहुंचा
असम में बाढ़ की वजह से स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों में करीब 1.6 लाख लोग अब भी इस आपदा से प्रभावित हैं। हाल ही में छह और लोगों की जान जाने के बाद बाढ़ से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 95 तक पहुंच गया है। कई इलाके पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं और लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे जेपी नड्डा और लिया हालात का जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा असम-नगालैंड सीमा पर स्थित शिवसागर जिले के नेपालीखुटी इलाके में पहुंचे। यह क्षेत्र 19 जुलाई को आई बाढ़ की चपेट में आने वाले सबसे प्रभावित इलाकों में से एक है। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्रियों के वितरण की स्थिति को देखा।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मैदानी निरीक्षण के बाद शाम को जेपी नड्डा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में राज्य में बाढ़ के मौजूदा हालातों, राहत व बचाव कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं और लोगों के पुनर्वास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं हर समय उपलब्ध रखी जाएं।
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