Assam CM Oath Ceremony: हिमंता बिस्वा सरमा असम के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं, जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे। जलुकबारी सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज करने वाले सरमा को पूर्वोत्तर में बीजेपी का ‘चाणक्य’ माना जाता है। यह बड़ी जिम्मेदारी उनके राजनीतिक कद को और ऊंचा करती है। आपको बता दें कि उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन 2015 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इन 4 दिग्गजों को मिली कैबिनेट में जगह
समारोह में केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि चार अन्य प्रमुख नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। : की इस नई टीम में अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है। शपथ लेने वालों में बीजेपी के दिग्गज जनजाति नेता रामेश्वर तेली, असम की पहली महिला वित्त मंत्री अजंता नियोग, एजीपी (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा और बीपीएफ (BPF) के नेता चरण बोरो शामिल हैं। इन चारों नेताओं का अपना एक मजबूत जनाधार है और ये पिछली सरकारों में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।

वीआईपी मेहमानों का जमावड़ा
दिसपुर का माहौल आज पूरी तरह उत्सव जैसा था। : के इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के सीनियर मंत्री पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि केंद्र सरकार के लिए असम और नॉर्थ ईस्ट का विकास कितनी प्राथमिकता रखता है। समारोह के दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया और चारों तरफ जीत के नारे गूंज रहे थे।
नई सरकार के सामने चुनौतियां और उम्मीदें
शपथ ग्रहण के साथ ही अब जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। : की नई कैबिनेट के सामने राज्य के विकास, चाय बागान समुदायों के कल्याण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बड़ी चुनौतियां होंगी। हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी पिछली पारी में कई कड़े फैसले लिए थे, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी यह ‘2.0 सरकार’ असम को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
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