UP Cabinet Meeting : उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को सादगी और बचत का नया मंत्र दिया है। इस अहम बैठक में सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील का हवाला देते हुए मंत्रियों को अनुशासन में रहने की सलाह दी। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और ईंधन संकट को देखते हुए, सीएम ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट को पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश करनी चाहिए। इस बैठक में न केवल सरकारी खर्च कम करने पर जोर दिया गया, बल्कि पर्यावरण और ईंधन संरक्षण को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए।
विदेश यात्राओं पर लगा ब्रेक
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला मंत्रियों की विदेश यात्राओं से जुड़ा है। दौरान सीएम योगी ने सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अगले 6 महीने तक किसी भी तरह की विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह समय विदेश दौरों का नहीं, बल्कि प्रदेश में रहकर काम करने का है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के वाहन फ्लीट (काफिले) को भी 50 प्रतिशत तक कम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग का मंत्र
मुख्यमंत्री ने ईंधन संरक्षण को एक ‘राष्ट्रीय दायित्व’ बताया है। इस चर्चा में उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन यानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। सीएम ने सुझाव दिया कि मंत्री मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या कारपूलिंग को अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाएं। जब प्रदेश के मंत्री खुद बस या मेट्रो में सफर करेंगे, तो जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित होंगे।
डिजिटल वर्क और ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर जोर
बदलते दौर के साथ कदम ताल मिलाते हुए सीएम योगी ने तकनीक के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया है। फैसलों में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑफिसों में हाइब्रिड बैठकों और डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दें। जहां जरूरी न हो, वहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा, ऑफिसों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने को कहा गया है ताकि बिजली की खपत कम हो। ‘वोकल फॉर लोकल’ और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकता सूची में है।
घर और ऑफिस में पीएनजी को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के साफ और सस्ते विकल्पों को अपनाने का निर्देश दिया है। बैठक में यह बात निकलकर आई कि अब एलपीजी सिलेंडर के बजाय पीएनजी (PNG) कनेक्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नए और पुराने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पैनल के इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक करें। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बार मिले नए मंत्रियों ने भी इन सुझावों का स्वागत किया और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के लिए उनका आभार जताया।
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