Bahraich : उत्तर प्रदेश के जिलों से अक्सर चौंकाने वाली खबरें आती रहती हैं, लेकिन इस बार Bahraich से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। एक पिता, जिसे अपनी बेटी का सबसे बड़ा रक्षक माना जाता है, वही उसका काल बन गया। मामला सिर्फ इतना था कि बेटी अपने प्रेमी से मिलना चाहती थी और पिता को यह मंजूर नहीं था। आपसी कहासुनी और गुस्से ने एक हंसते-खेलते घर को मातम में बदल दिया। रिसिया थाना क्षेत्र के इस गांव में अब सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इसी घटना की चर्चा कर रहा है।
प्रेम प्रसंग और पिता की नाराजगी
घटना की शुरुआत एक प्रेम प्रसंग से हुई। Bahraich के भक्तापुर गांव की रहने वाली 18 साल की संगीता का गांव के ही एक युवक आजाद से प्रेम संबंध था। पिता हरदेव चौहान को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था और उन्होंने कई बार बेटी को समझाने की कोशिश भी की थी। मामला तब और बिगड़ गया जब कुछ समय पहले आजाद के साथ संगीता फरार हो गई थी, जिसके बाद आजाद को जेल जाना पड़ा था। पिता को लगा था कि शायद अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
सोमवार की वो खौफनाक रात
रविवार को जब प्रेमी आजाद जेल से छूटकर वापस आया, तो संगीता खुद को रोक नहीं पाई। सोमवार की रात वह एक बार फिर अपने प्रेमी से मिलने उसके घर पहुंच गई। जब वह देर रात वापस लौटी, तो घर में कोहराम मच गया। Bahraich पुलिस के मुताबिक, पिता और बेटी के बीच जमकर बहस हुई। बेटी ने साफ कह दिया कि वह प्रेमी का साथ नहीं छोड़ेगी। यह सुनकर पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने एक खौफनाक फैसला ले लिया।
सोते समय ली मासूम की जान
जब बहस शांत हुई और संगीता सोने चली गई, तब भी पिता का गुस्सा कम नहीं हुआ था। देर रात जब सब सो रहे थे, तब हरदेव ने अपनी ही बेटी का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। सुबह जब इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई, तो हड़कंप मच गया। Bahraich के इस गांव में सुबह-सुबह पुलिस की गाड़ियां पहुंच गईं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि खुद संगीता की मां ने अपने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही Bahraich पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मां की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी पिता हरदेव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे। Bahraich की यह घटना समाज में बढ़ रहे गुस्से और संवाद की कमी को दर्शाती है। प्रेम प्रसंग अपनी जगह है, लेकिन एक पिता का अपनी ही संतान की जान ले लेना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल पीछे छोड़ दिए हैं। रिश्तों में बढ़ती दूरियां और जिद का नतीजा अक्सर इसी तरह की दुखद घटनाओं के रूप में सामने आता है, जो पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है।