Agra Cyber Crime Bust: Agra में साइबर (cyber) अपराधियों और ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। Agra पुलिस का अभियान इस समय पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसके तहत पुलिस विभाग की अलग-अलग टीमों ने एक साथ मिलकर शहर के कई इलाकों में छापेमारी की। इंटरनेट और फोन के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाने वाले इन शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने काफी समय से जाल बिछाया था, जिसमें आखिरकार उन्हें बड़ी सफलता मिली है।
Agra Cyber Crime Bust: एक साथ 100 ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत Agra कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में दर्ज हुई शिकायतों के बाद हुई। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को लगातार ऑनलाइन धोखाधड़ी (cyber fraud) से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सर्विलांस, एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और साइबर सेल की मदद से कुल 178 शिकायतों को शॉर्टलिस्ट किया गया और उनकी बारीकी से जांच की गई।
जब इन मामलों में ठगी की पुष्टि हो गई, तो पुलिस की कई टीमों ने एक साथ योजना बनाकर आगरा के 100 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। इस अचानक हुई छापेमारी से अपराधियों में हड़कंप मच गया और पुलिस ने 60 शातिर ठगों को हिरासत में ले लिया, जिनसे बाद में कड़ी पूछताछ की गई।
शातिर गिरोह का देशव्यापी जाल
पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पकड़ा गया यह साइबर ठगी का नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इन आरोपियों ने देश के 13 अलग-अलग राज्यों में अपना जाल फैला रखा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी 60 आरोपी मूल रूप से Agra के ही रहने वाले हैं।
इन लोगों ने मिलकर अब तक देश भर के हजारों सीधे-साधे लोगों से करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की मोटी रकम ठगी है। पुलिस ने इन अपराधियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में 16 नए मुकदमे दर्ज किए हैं और इनके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं।
अलग-अलग तरीकों से बनाते थे शिकार
यह गिरोह लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए रोज नए-नए तरीके अपनाता था। जांच में सामने आया है कि ये लोग मेट्रिमोनियल (शादी वाले) साइट्स पर बेहद आकर्षक लेकिन फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और फिर लोगों को शादी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेते थे। इसके अलावा, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर युवाओं से पैसे लगवाना, इंटरनेट पर फर्जी बिजनेस और शॉपिंग वेबसाइट्स बनाकर लोगों को निवेश का लालच देना भी इनके काम का हिस्सा था।
कई मामलों में तो ये लोग आम नागरिकों को फर्जी कॉल या मैसेज भेजकर बैंक अधिकारी बनते थे और उनसे जरूरी ओटीपी (OTP), पासवर्ड और बैंक डिटेल्स हासिल कर पल भर में उनका पूरा खाता खाली कर देते थे। अपनी पहचान छिपाने के लिए ये आरोपी फर्जी नामों पर लिए गए सिम कार्ड और दूसरे लोगों के बैंक खातों (फर्जी खातों) का इस्तेमाल करते थे।
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सुरक्षा के लिए बरतें सावधानी
इस तरह की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है। Cyber Fraud से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि हम खुद जागरूक और सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, मैसेज या लॉटरी के झांसे वाले इंटरनेट लिंक पर बिल्कुल भरोसा न करें। अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, यूपीआई पासवर्ड या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें, चाहे सामने वाला व्यक्ति खुद को बैंक का मैनेजर ही क्यों न बताए।
इसके साथ ही, सोशल मीडिया या शादी वाली वेबसाइट्स पर मिलने वाले अनजान लोगों के साथ कभी भी पैसों का लेनदेन न करें। अगर आप कभी किसी डिजिटल धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी थाने के साइबर सेल में जाकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आपके पैसे वापस मिल सकें।
Agra पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून के हाथ इन डिजिटल ठगों तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं। हालांकि, पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन डिजिटल दुनिया में खुद को सुरक्षित रखने की पहली जिम्मेदारी हमारी अपनी है। थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता हमें इस तरह के बड़े आर्थिक नुकसान से हमेशा बचा सकती है।







