RIch List 2026: भारतीय उद्योग जगत और वैश्विक शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के दिग्गज उद्योगपति और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने एक बार फिर रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी को पछाड़कर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब अपने नाम कर लिया है। पिछले कुछ महीनों से दोनों दिग्गज उद्योगपतियों के बीच नंबर वन की कुर्सी के लिए जारी कशमकश में अब गौतम अडानी आगे निकल गए हैं। हालांकि, एशिया के सबसे अमीर इंसानों की यह रेस अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रह गई है। ग्लोबल स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आए बूम की वजह से जापान के टेक इन्वेस्टर और सॉफ्टबैंक (SoftBank) के संस्थापक मसायोशी सन भी इस रेस में शामिल हो गए हैं, जिससे एशिया की ‘रिच लिस्ट’ में एक दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
फोर्ब्स लिस्ट में अडानी नंबर-1, नेटवर्थ ₹7.4 लाख करोड़ के पार
ग्लोबल वेल्थ को ट्रैक करने वाली मशहूर पत्रिका ‘फोर्ब्स’ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गौतम अडानी की कुल संपत्ति बढ़कर अब लगभग 89.3 अरब डॉलर (करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये) हो गई है। इस आंकड़े के साथ वह मुकेश अंबानी से आगे निकल गए हैं, जिनकी संपत्ति 88.1 अरब डॉलर आंकी गई है।
दूसरी ओर, ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ के गणना मॉडल के मुताबिक तो गौतम अडानी काफी बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। ब्लूमबर्ग ने अडानी की कुल संपत्ति 115 अरब डॉलर बताई है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति को 85.8 अरब डॉलर पर आंका है। यह रैंकिंग पूरी तरह से शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़ी हुई है, जहां कंपनियों के शेयरों के दाम बदलने से अरबपतियों की नेटवर्थ में कुछ ही दिनों में अरबों डॉलर का अंतर आ जाता है।
अमेरिका से मिली क्लीन चिट और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स ने बदला पासा
गौतम अडानी की संपत्ति में आए इस जबरदस्त उछाल के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पहला सबसे बड़ा कारण अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) का वह फैसला है, जिसके तहत 19 मई को अपर्याप्त सबूतों का हवाला देते हुए गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ लगे आपराधिक धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फैसले के बाद से अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में करीब 10 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। इसके अलावा, अडानी ने अपनी पैरवी के लिए अमेरिका के मशहूर वकील रॉबर्ट गिउफ्रा को नियुक्त किया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निजी वकील भी रह चुके हैं।
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दूसरा कारण अडानी ग्रुप का रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) सेक्टर में किया जा रहा शानदार प्रदर्शन है। गुजरात के कच्छ रेगिस्तान में स्थित विशाल ‘खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क’ में 50 मेगावाट की नई सौर ऊर्जा परियोजना शुरू होने से अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी निवेश बैंक जेफरीज (Jefferies) की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रीन साल 2030 तक अपनी क्षमता को 19.3 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें बैटरी स्टोरेज इसका अगला सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनेगा।
Asia Rich List 2026: रिलायंस के सामने वैश्विक चुनौतियां, जापान के ‘सन’ का भी दिखा जलवा
गौतम अडानी के इस शानदार कमबैक के विपरीत, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को पिछले छह महीनों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और होStrait of Hormuz के आसपास पैदा हुए संकट के कारण शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस वैश्विक व्यवधान का सीधा असर रिलायंस के तेल और पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस पर पड़ा है, जिसके चलते पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
इस बीच, जापान के मसायोशी सन ने भी अपनी आक्रामक निवेश नीतियों, विशेषकर ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI में भारी निवेश के दम पर बाजार को चौंका दिया है। जापान के शेयर बाजार (Nikkei) में आई 30% की तेजी के कारण एक समय मसायोशी सन की नेटवर्थ 100 अरब डॉलर पहुंच गई थी और उन्होंने थोड़े समय के लिए अडानी और अंबानी दोनों को पीछे छोड़ दिया था। हालांकि, टेक शेयरों में आई हालिया गिरावट के बाद वह 87 अरब डॉलर के साथ फिलहाल तीसरे स्थान पर आ गए हैं।
