शामली में पंचायत चुनाव से पहले अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़

Share This Article

शामली: शामली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव–2026 से पहले पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। झिंझाना थाना क्षेत्र के अहमदगढ़ स्थित बावरिया कॉलोनी में ईख के खेतों के बीच चल रही एक अवैध फैक्ट्री पर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में हथियार और हथियार बनाने का सामान बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, इस फैक्ट्री से 40 बने और अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण मिले हैं। कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन अवैध हथियारों को आगामी पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा था,

ताकि चुनावी माहौल में डर और दबाव बनाया जा सके। पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि वे तीन से चार हजार रुपये की लागत में तमंचे तैयार करते थे और इन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पांच से छह हजार रुपये में सप्लाई किया जाता था। इस नेटवर्क के तार केवल शामली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आसपास के अन्य जिलों से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान इस अवैध कारोबार से जुड़े करीब 10 अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी की टीमें दबिश दे रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने हथियार तैयार कर सप्लाई किए जा चुके हैं और उनका इस्तेमाल कहां-कहां होना था। इस कार्रवाई को पंचायत चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए ऐसे अवैध नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

इस पूरे मामले पर एनपी सिंह, पुलिस अधीक्षक शामली ने बताया कि अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह बड़ी सफलता मिली है और आरोपितों के खिलाफ झिंझाना थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के अपराधों में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं। फिलहाल, इस खुलासे के बाद जिले में पुलिस सतर्क है और चुनाव से पहले अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान और तेज़ किए जाने की तैयारी की जा रही है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This