रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तटरक्षक बल में शामिल करेंगे स्वदेशी पोत ‘समुद्र प्रताप’

समुद्र प्रताप

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भारतीय समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ का जलावतरण सोमवार को किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दक्षिण गोवा के वास्को में स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में इस अत्याधुनिक पोत का औपचारिक जलावतरण करेंगे। यह भारतीय तटरक्षक बल के लिए बनाए जा रहे दो विशेष प्रदूषण नियंत्रण पोतों में से पहला है।

इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। ‘समुद्र प्रताप’ का जलावतरण आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है।

तेल रिसाव से निपटने में सक्षम अत्याधुनिक पोत

भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ‘समुद्र प्रताप’ को विशेष रूप से तेल रिसाव का पता लगाने और उससे निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पोत उन्नत सेंसर और विश्लेषण प्रणालियों से लैस है, जो विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर और बाहर व्यापक प्रदूषण रोधी अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।

यह पोत दूषित पानी से तेल को अलग कर सकता है, चिपचिपे तेल प्रदूषकों की उच्च सटीकता से पुनः प्राप्ति कर सकता है और प्रदूषित पदार्थों का वैज्ञानिक विश्लेषण भी कर सकता है। इससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा और तटीय क्षेत्रों को होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

स्वदेशी सामग्री और प्रभावशाली तकनीकी क्षमताएं

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस पोत में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। ‘समुद्र प्रताप’ की लंबाई 114.5 मीटर है और इसका भार लगभग 4,200 टन है। यह पोत 22 समुद्री मील प्रति घंटा से अधिक की गति से चलने में सक्षम है और इसकी 6,000 समुद्री मील की परिचालन सीमा है।

इन क्षमताओं के चलते यह पोत लंबी अवधि तक समुद्र में रहकर प्रभावी निगरानी और प्रतिक्रिया कार्य कर सकता है। इससे भारतीय तटरक्षक बल की प्रदूषण रोधी प्रतिक्रिया, अग्निशमन, समुद्री सुरक्षा और संरक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

समुद्र प्रताप

अत्याधुनिक हथियार और सुरक्षा प्रणालियां

‘समुद्र प्रताप’ में आधुनिक रक्षा और नियंत्रण प्रणालियां भी शामिल की गई हैं। इसमें 30 मिमी सीआरएन-91 गन, एकीकृत अग्नि नियंत्रण प्रणाली के साथ दो 12.7 मिमी रिमोट-नियंत्रित गन, स्वदेशी रूप से विकसित एकीकृत ब्रिज सिस्टम, एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित विद्युत प्रबंधन प्रणाली और उच्च क्षमता वाली बाहरी अग्निशमन प्रणाली मौजूद है।

ये सभी प्रणालियां इसे न केवल प्रदूषण नियंत्रण बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में बहुउद्देश्यीय संचालन के लिए भी सक्षम बनाती हैं।

कोच्चि में होगी तैनाती

भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ‘समुद्र प्रताप’ को कोच्चि स्थित अड्डे पर तैनात किया जाएगा। यह पोत पश्चिमी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण अभियानों के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। ‘समुद्र प्रताप’ का जलावतरण भारत की समुद्री शक्ति, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है।

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