Namo Book Fest Varanasi: वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘नमो बुक फेस्ट’ (Namo book fest) का मंच केवल किताबों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां देश के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा पर भी गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत @2047’ विषय पर देश के प्रमुख वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और युवाओं के बीच एक बेहद सफल संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इसमें टेक्नोलॉजी से लेकर स्पेस साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ती रफ्तार
सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीक को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्पेस सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने से देश की स्पेस इकोनॉमी को एक नई गति मिली है। आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवा रहा है। वहीं बीएचयू के कुलपति ने नमामि गंगे मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि नई तकनीकों के जरिए गंगा स्वच्छता अभियान पर तेजी से काम जारी है, जिसमें युवा शोधकर्ताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
स्टार्टअप और नई सोच से बदलेगा भविष्य
कार्यक्रम में पहुंचे जाने-माने वक्ताओं ने युवाओं को प्रेरित किया। आरजे रौनक ने युवाओं को परिणाम की चिंता छोड़ केवल कर्म पर ध्यान देने की सलाह दी। सुजैन ने कहा कि वैश्विक बनने से पहले हमें ‘लोकल’ बनना होगा। युवराज पोखरना ने देश में स्टार्टअप्स के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि भारत में स्टार्टअप्स की संख्या 300 से बढ़कर अब 3 लाख तक पहुंच गई है। वहीं अंशू गुप्ता ने कहा कि भारत आज दुनिया में सभी देशों के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ रहा है।
इस दौरान काशी की सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘काशी बियॉन्ड द घाट’ भी दिखाई गई। छात्रों ने एआई से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने बेहद सरल भाषा में जवाब दिया।
