94th Indian Air Force Day: भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को अपना 94वां स्थापना दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर Ghaziabad स्थित हिंडन एयरफोर्स स्टेशन (Hindon Air Force Station) पर भव्य परेड और फ्लाईपास्ट का आयोजन किया गया। 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित हुई भारतीय वायुसेना हर साल इस दिन को अपनी वायु शक्ति और जवानों के समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाती है। इस साल का स्थापना दिवस ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ थीम पर आधारित रहा, जिसमें स्वदेशी सैन्य क्षमताओं का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला।
मुख्य परेड से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ अनुशासित मुख्य परेड के साथ हुआ। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने परेड का निरीक्षण किया और वायुवीरों की सलामी स्वीकार की। संयुक्त सेना बैंड की देशभक्तिपूर्ण धुन पर जवानों की सधी हुई कदमताल ने पूरे वातावरण में ऊर्जा भर दी। इसके बाद जब एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने तिरंगे को फहराते हुए आसमान में उड़ान भरी, तो परिसर में मौजूद दर्शक गर्व से भर उठे।
हवाई करतब और जाबांजों का सम्मान
समारोह में वायुसेना के विभिन्न विमानों ने अपनी गति और नियंत्रण का प्रदर्शन किया। आकाश में जाबांजों द्वारा किए गए फ्लाईपास्ट और करतबों ने सभी का ध्यान खींचा। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य, अद्भुत साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए कई वायुवीरों को ‘युद्ध सेवा मेडल’ और ‘वायु सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया। वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सेना हर समय और हर स्थिति में देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
स्वदेशी हथियारों की लगी प्रदर्शनी
हिंडन एयरबेस पर केवल हवाई करतब ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें भारत में निर्मित तेजस लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव को प्रदर्शित किया गया। इन प्लेटफॉर्म्स ने देश की आत्मनिर्भरता और मजबूत रक्षा तैयारियों की स्पष्ट झलक प्रस्तुत की। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरहद की सुरक्षा की बात हो या किसी आपात स्थिति की, हमारे वायुवीर सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं।
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