Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा और आसपास के लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत अच्छी खबर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में ‘महाजन इमेजिंग एंड लैब्स’ के एक नए और अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। यह सेंटर दिल्ली और हरियाणा के बाद उत्तर प्रदेश में कंपनी का पहला कदम है। इस खास मौके पर स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी मौजूद रहीं। इस केंद्र के खुलने से अब मरीजों को सभी जरूरी और बड़ी जांचें एक ही छत के नीचे आसानी से मिल सकेंगी।
मेडिकल तकनीक में हुए हैं बड़े बदलाव
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ सालों में मेडिकल साइंस और तकनीक में बहुत तेजी से विकास हुआ है। जो बीमारियां पहले पकड़ में नहीं आती थीं, अब आधुनिक मशीनों के जरिए उनका पता बहुत जल्दी और सटीक तरीके से लग जाता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि अच्छी जांच का मतलब सिर्फ बीमारी का पता लगाना नहीं है, बल्कि मरीज को गलत इलाज और बेवजह की महंगी जांचों से बचाना भी होना चाहिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था में एकीकृत दृष्टिकोण (Integrated Approach) की जरूरत
राजनाथ सिंह ने बताया कि आज के समय में रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और अन्य महत्वपूर्ण जांचें एक ही जगह पर मिलना बहुत जरूरी है। जब सारी रिपोर्ट एक साथ आ जाती हैं, तो मरीजों को अलग-अलग लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ते और डॉक्टरों को भी तुरंत सही इलाज शुरू करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि इस नए सेंटर में रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
सेना और मेडिकल साइंस का पुराना रिश्ता
रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में एक बहुत ही दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि मेडिकल साइंस और रक्षा क्षेत्र का बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। अल्ट्रासाउंड (Ultrasonography) और रेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल सेना में भी खूब होता है। चाहे सैनिकों का मेडिकल चेकअप करना हो या युद्ध के मैदान में घायल जवानों का इलाज, इन मशीनों ने हमेशा अहम भूमिका निभाई है।
45 करोड़ लोगों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधाएं
राजनाथ सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ जैसी बेहतरीन योजनाओं के कारण आज देश के करीब 45 करोड़ लोगों को मुफ्त और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5 करोड़ लोग हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े हैं और 80 लाख लोगों को इसका सीधा फायदा मिला है। 2017 में जहां यूपी में सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 45 हो चुकी है। साथ ही, किडनी के मरीजों के लिए 75 जिलों में फ्री डायलिसिस की सुविधा भी दी जा रही है।







