Uttar Pradesh के Sambhal में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर गठित न्यायिक आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश कर दी है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आयोग की रिपोर्ट में क्या दावे किए गए?
रिपोर्ट के मुताबिक, संभल में हुई हिंसा अचानक नहीं भड़की थी, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। सर्वे को लेकर फैली अफवाहों के बाद मौके पर भारी भीड़ जुटी और विरोध ने हिंसा का रूप ले लिया। उपद्रवी हथियार और पत्थर लेकर पहुंचे थे। रिपोर्ट में सांसद जिया उर रहमान बर्क और सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का जिक्र किया गया है।
पुलिस की भूमिका और आयोग के सुझाव
आयोग ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को स्थिति के अनुसार प्रभावी बताया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून व्यवस्था मजबूत करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
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