Vande Mataram bill: संसद के दोनों सदनों से पास, अपमान करने पर होगी 3 साल की जेल

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Vande Mataram bill: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अमर प्रतीक हमारे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्‘ की गरिमा को कानूनी सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाया गया महत्वपूर्ण विधेयक अब संसद से पारित हो गया है। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच यह बिल राज्यसभा के बाद अब लोकसभा से भी पास हो चुका है। दोनों सदनों की सहमति मिलने के बाद अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जा रहा है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही यह नया प्रावधान देश भर में कानून के रूप में लागू हो जाएगा।

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इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य हमारे राष्ट्रीय गीत को भी वही कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है, जो देश के राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ को हासिल है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे संसद में पेश किया था। सरकार का मानना है कि आजादी की लड़ाई में लाखों देशभक्तों को प्रेरणा देने वाले इस राष्ट्रीय गीत की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना बेहद जरूरी है।

वंदे मातरम् का अपमान करने पर कितने साल की सजा

कानून लागू होने के बाद राष्ट्रगीत का अनादर करना या इसके गायन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। नए नियमों के अनुसार:

  • सजा और जुर्माना: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् का अपमान करता है या इसे गाने से किसी को रोकता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या फिर दोनों की सजा दी जा सकती है।

  • समान कानूनी दायरा: यह कानूनी सुरक्षा ठीक वैसी ही है जैसी राष्ट्रगान का अपमान करने पर मिलती है।

आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले बजेगा राष्ट्रीय गीत

नए विधेयक में राष्ट्रगीत के सभी छह छंदों को पूर्ण सम्मान के साथ गाए जाने की बात शामिल की गई है। हाल ही में गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किया था कि जिन भी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान बजाया जाता है, वहां पहले राष्ट्रीय गीत का गायन किया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को ‘सावधान’ (अटेंशन) की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगीत को पूरा सम्मान देना अनिवार्य होगा।

इस महत्वपूर्ण विधेयक के पारित होने के तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक को शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया। इस कानून के बनने के बाद से अब देश के राष्ट्रगीत के सम्मान को एक मजबूत कानूनी आधार मिल गया है।

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