Anti Paper Leak Bill 2026: संसद में जारी गहमागहमी के बीच बुधवार को लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पास हो गया। पिछले कुछ समय से जिस तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां देखने को मिल रही थीं, उसने लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को चिंता में डाल दिया था। ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल है कि नया एंटी पेपर लीक कानून (Anti Paper Leak Bill) आखिर क्या है और इससे व्यवस्था में क्या बदलाव आएगा।
विधेयक लाने का मुख्य उद्देश्य
सरकार की ओर से पेश इस विधेयक का मकसद ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024’ के नियमों को और अधिक सख्त बनाना है। इसका सीधा उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाना है। अक्सर देखा जाता है कि सालों मेहनत करने वाले छात्रों की उम्मीदों पर एक पेपर लीक के कारण पानी फिर जाता है। नए प्रावधानों के ज़रिए परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखने की कोशिश की गई है।
कानून के तहत कड़े प्रावधान और सजा
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या गिरोह प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली में शामिल पाया जाता है, तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। वहीं संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की बात कही गई है।
त्वरित न्याय और जांच की समयसीमा
इस संशोधन में समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब किसी भी गड़बड़ी की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी। साथ ही, राज्यों में त्वरित अदालतों के गठन का प्रस्ताव है, जो आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के अंदर मुकदमे का निपटारा करेंगी।
Paper leak कानून के फायदे सीधे तौर पर युवाओं को मिलेंगे। सख्त नियम और तय समयसीमा के कारण धांधली करने वालों में डर पैदा होगा, जिससे निष्पक्ष परीक्षा का माहौल तैयार हो सकेगा।
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