World Youth Skills Day पर यूपी को सौगात: लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जरिए राज्य की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराया। इस दौरान युवाओं के लिए दो नए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए गए।
World Youth Skills Day पर यूपी में अब पारदर्शी तरीके से मिल रही हैं नौकरियां
CM Yogi ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जब भी प्रदेश में सरकारी भर्तियां निकलती थीं, तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। 2017 से पहले राज्य में सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार का माहौल पूरी तरह से खराब था। बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह सुरक्षित है और युवाओं को मेरिट के आधार पर 9 लाख से अधिक नौकरियां दी जा चुकी हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी ट्रेनिंग को नई रफ्तार
इस कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान’ रखी गई थी। युवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कौशल सारथी पोर्टल की शुरुआत की। इस पोर्टल पर राज्य के सभी प्रशिक्षण केंद्रों का साल भर का पूरा विवरण एक ही जगह उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही कौशल सेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी लॉन्च किया गया, जो ट्रेनिंग देने वाली संस्थाओं को सीधे डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा ताकि उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को तैयार किया जा सके।
हर जिले में बनेंगे सरदार पटेल स्किलिंग सेंटर
CM Yogi ने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर आधुनिक स्किलिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, जो युवा रोजगार के लिए विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए अब सरकार खुद सारी आवश्यक व्यवस्थाएं करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य की इसी युवा शक्ति के बल पर उत्तर प्रदेश बहुत जल्द एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर लेगा।







