Meerut : मेरठ में ब्रांडेड के नाम पर ‘ज़हर’ बेचने का धंधा: दो बड़े कारोबारी गिरफ्तार

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Meerut : मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र में आने वाली प्रसिद्ध दाल मंडी में सोमवार की रात उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस और एक नामी कंपनी की जांच टीम ने मिलकर अचानक छापेमारी कर दी। इस बड़ी कार्रवाई में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर धड़ल्ले से नकली उत्पाद बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

पुलिस ने मौके से दो बड़े कारोबारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो सालों से ग्राहकों की सेहत और भरोसे के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।

Meerut  कैसे खुला नकली सामान का यह बड़ा खेल?

दरअसल, पिछले काफी समय से नामी कंपनियों के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि Meerut के स्थानीय बाजारों में उनके ब्रांड के नाम पर नकली चाय पत्ती और मच्छर भगाने वाले रिफिल धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। ये नकली उत्पाद पैकिंग और दिखने में बिल्कुल असली जैसे थे, जिसके कारण आम ग्राहकों के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना नामुमकिन था।

Meerut में इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए कंपनी की सुरक्षा व जांच टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। इसके बाद सोमवार रात सदर बाजार पुलिस और जांच टीम ने मिलकर एक संयुक्त योजना बनाई और दाल मंडी की दुकानों पर अचानक धावा बोल दिया।

इन दुकानों पर हुई कार्रवाई, भारी मात्रा में सामान बरामद

छापेमारी के दौरान टीम ने मुख्य रूप से दो दुकानों को निशाना बनाया—जैन किराना स्टोर और जैन जनरल स्टोर। यहाँ से जो सामान बरामद हुआ, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया:

  • आशीष जैन की दुकान (जैन किराना स्टोर): यहाँ से मशहूर ‘टाटा टी’ ब्रांड के लगभग 500 नकली पैकेट बरामद किए गए।

  • राकेश कुमार जैन की दुकान (जैन जनरल स्टोर): यहाँ से एक-एक किलो के करीब 50 पैकेट नकली चायपत्ती और इसके साथ ही ‘ऑल आउट’ रिफिल के 632 नकली पैकेट बरामद हुए।

पकड़े गए सभी पैकेट्स की फिनिशिंग और प्रिंटिंग इतनी हूबहू थी कि कोई भी आम खरीदार धोखा खा जाए। पुलिस ने तुरंत दोनों व्यापारियों, आशीष जैन और राकेश कुमार जैन को हिरासत में ले लिया और सारा माल जब्त कर लिया।

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पुलिस की अगली तैयारी: खंगाला जा रहा है सप्लाई नेटवर्क

सदर बाजार थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम (Copyright Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अब जांच एजेंसियां इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। आरोपियों से पूछताछ में मुख्य रूप से इन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है:

  1. यह नकली सामान आखिर कहाँ तैयार किया जा रहा था?

  2. इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है और इसकी मुख्य फैक्ट्री कहाँ स्थित है?

  3. मेरठ के अलावा उत्तर प्रदेश के किन-किन अन्य जिलों में इस नकली माल की सप्लाई की जा रही थी?

पुलिस का सख्त संदेश:

पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों और सामान्य दिनों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मिलावटखोरों और नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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