UP Cabinet big decision: 69 हजार Home Guards को मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त cashless इलाज

UP Cabinet big decision

Share This Article

UP Cabinet big decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बार सरकार का विशेष जोर उन जवानों और कर्मचारियों पर रहा जो दिन-रात कानून-व्यवस्था और सुरक्षा में तैनात रहते हैं। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के होमगार्ड जवानों और पुलिस समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके हित में दो बड़े प्रस्तावों को पास किया है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि इस बैठक में क्या-क्या अहम फैसले लिए गए और इससे किसे कितना लाभ होने वाला है।

UP Cabinet big decision: कैशलेस चिकित्सा को मिली मंजूरी

इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील फैसला उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग से जुड़ा है। सरकार ने विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सभी होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को एक बड़ी सुरक्षा दी है। अब इन परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है।

इस योजना का संचालन ‘स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज’ (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल 6 दिसंबर 2025 को होमगार्ड दिवस के मौके पर इस सुविधा की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के साथ इस घोषणा को पूरी तरह से अमल कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 69 हजार होमगार्ड्स और उनके परिजनों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

राजकीय और निजी अस्पतालों में मिलेगा इलाज

इस योजना के दायरे और इसके क्रियान्वयन को लेकर राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सभी पात्र होमगार्ड्स और उनके आश्रितों को ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB-PMJAY) के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी अस्पतालों और इससे जुड़े निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने (आईपीडी उपचार) की सुविधा मिलेगी।

इस कैशलेस इलाज का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी। योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रति होमगार्ड 3 हजार रुपये का वार्षिक प्रीमियम तय किया गया है, जिसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके लिए सरकार के खजाने से हर साल लगभग 35.50 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा। इस फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय होमगार्ड परिवारों को किसी भी गंभीर बीमारी के वक्त इलाज के भारी-भरकम खर्च से बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी

होमगार्ड्स के अलावा कैबिनेट बैठक में पुलिस और अन्य सुरक्षा से जुड़े विभागों के कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरकार ने वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों पर मुख्य सचिव समिति द्वारा दी गई सिफारिशों को बिना किसी बदलाव के ज्यों का त्यों स्वीकार कर लिया है। इसके तहत गृह (पुलिस) विभाग के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में संशोधन किया गया है।

अब पुलिस कर्मियों के साथ-साथ न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष विभाग के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते, वर्दी के नवीनीकरण (रिन्यूअल) और वर्दी की धुलाई के भत्ते में अच्छी-खासी वृद्धि की गई है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि वर्दी के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के भत्तों या मामलों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

निश्चित रूप से भत्तों में की गई इस वृद्धि से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच काफी राहत मिलेगी और उन्हें अब बढ़ी हुई दरों पर पैसा मिलेगा। लेकिन इस फैसले का असर राज्य के राजस्व पर भी देखने को मिलेगा।

विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारियों के भत्ते बढ़ाए जाने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार के ऊपर हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। यह एक वार्षिक वित्तीय व्यय होगा जिसे सरकार अपने बजट से पूरा करेगी। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य माहौल देने के लिए यह निवेश बेहद जरूरी था।

देखा जाए तो योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet) की यह बैठक पूरी तरह से राज्य के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने पर केंद्रित रही। होमगार्ड्स जैसे संविदात्मक ढांचे पर काम करने वाले जवानों को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा देना और पुलिस सहित अन्य कर्मचारियों के वर्दी भत्ते बढ़ाना यह दिखाता है कि सरकार अपने कर्मियों की मूलभूत जरूरतों को लेकर गंभीर है। ये फैसले आने वाले समय में इन कर्मचारियों की कार्यक्षमता और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे।

यह भी पढ़ें: CM Yogi Pratapgarh visit: 384 करोड़ की सौगात के साथ विपक्ष पर साधा तीखा निशाना, कहा – गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This