Bareilly Businessman Kidnap case: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां बहेड़ी पुलिस ने एक कारोबारी के अपहरण और उनसे 50 लाख रुपए की मोटी फिरौती मांगने के मामले का भंडाफोड़ किया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने वालों में कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि कारोबारी का ही एक बेहद करीबी दोस्त शामिल था। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) का अफसर बताया और पीड़ित को अगवा कर लिया था।
खुद को बताया जांच अधिकारी
इस सनसनीखेज घटना की शुरुआत तब हुई जब बहेड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिमरा के रहने वाले कारोबारी अशफाक अहमद ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ अज्ञात लोग उन्हें जबरन एक कार में बैठाकर ले गए थे। गाड़ी के भीतर बैठे लोगों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और पूरे रास्ते उन्हें केस में फंसाने की धमकी देते रहे। इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी के परिवार वालों को फोन करके उन्हें छोड़ने के बदले 50 लाख रुपए की फिरौती की मांग शुरू कर दी।

एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता और फिरौती की इतनी बड़ी रकम को देखते हुए बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तुरंत एक्शन लिया। उनके कड़े निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने बिना वक्त गंवाए सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अपने स्थानीय मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया। जांच में तेजी आते ही पुलिस को कुछ बेहद पुख्ता सुराग मिले। इसके बाद रविवार की रात मुढ़िया रोड इलाके में घेराबंदी करके तीन मुख्य संदिग्धों को दबोच लिया गया।

पकड़े गए आरोपियों में दोस्त भी शामिल
पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों की पहचान जहीर अहमद (निवासी ग्राम सिमरा), सनी अरोरा (निवासी किच्छा) और सुमंत यादव (निवासी किशनपुर, किच्छा) के रूप में हुई है। पूछताछ में यह साफ हुआ कि जहीर अहमद जो कि पीड़ित का दोस्त था, उसने ही पैसों के लालच में पूरी साजिश रची थी। आरोपियों ने माना कि उन्होंने CBI अधिकारी का नाटक इसलिए किया ताकि पीड़ित परिवार डर जाए और बदनामी के डर से पुलिस के पास जाने के बजाय चुपचाप पैसे दे दे। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल कार, तीन मोबाइल और कुछ नकदी बरामद की है।
यह घटना हमें सचेत करती है कि कभी-कभी आंख मूंदकर करीबियों पर भरोसा करना भी भारी पड़ सकता है। बहेड़ी पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की वजह से न सिर्फ कारोबारी को सुरक्षित बचा लिया गया, बल्कि एक बड़ी साजिश का भी अंत हो गया। फिलहाल पुलिस इन सभी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
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