Kanpur Shaadi scam: आजकल के डिजिटल दौर में जहां जीवनसाथी ढूंढना आसान हुआ है, वहीं कुछ शातिर लोग इसका गलत फायदा भी उठाने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की तलाश कर रहे सीधे-साधे युवकों को जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे जा रहे थे। इस पूरे खेल में तकनीक का भी गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। आइए जानते हैं कि यह गिरोह किस तरह लोगों को अपना शिकार बना रहा था ताकि आप और आपके जानने वाले सुरक्षित रह सकें।
कैसे बुना जाता था धोखाधड़ी का ताना-बाना?
कानपुर में चल रहे इस Shaadi scam के पीछे एक बहुत ही सोची-समझी साजिश थी। गिरोह के लोग शादी के लिए उत्सुक युवकों को फंसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते थे। इसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि लड़कों को रिझाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई तस्वीरों और प्रोफाइल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सामने वाले को यह अहसास कराया जाता था कि रिश्ता बिल्कुल पक्का और संस्कारी परिवार से है। एक बार जब युवक को लड़की और उसके नकली परिवार पर भरोसा हो जाता था, तो असली खेल शुरू होता था।
Kanpur Shaadi scam: किस्तों में होती थी पैसों की वसूली
भरोसा जीतने के बाद आरोपियों की तरफ से पैसों की मांग शुरू हो जाती थी। कभी वे रजिस्ट्रेशन फीस मांगते, तो कभी प्रोफाइल को एक्टिवेट करने के नाम पर पैसे ऐंठते थे। हद तो तब हो जाती थी जब वे परिवार की सहमति या सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) के नाम पर भी मोटी रकम वसूलने लगते थे।
लड़कों को डराने के लिए यह झूठ भी बोला जाता था कि लड़की वालों ने अपनी तरफ के पैसे जमा कर दिए हैं, और अगर लड़के ने देरी की तो रिश्ता टूट जाएगा। बदनामी और अच्छा रिश्ता हाथ से निकलने के डर से पीड़ित चुपचाप पैसे ट्रांसफर कर देते थे। जब किसी को शक होता और वह शिकायत की बात करता, तो गिरोह के लोग उस पर दबाव बनाकर मामला दबाने की कोशिश करते थे।
जांच में सामने आई पूरी सच्चाई
इस गिरोह की मनमानी ज्यादा दिन नहीं चल सकी। पीड़ितों की शिकायत के बाद कानपुर साइबर पुलिस ने इस संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसा और इसकी एक-एक परत खोलकर रख दी। पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में कितने लोगों को ठगा है और कुल कितनी रकम हड़पी है।
इस घटना के बाद कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने आम जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी मैट्रिमोनियल वेबसाइट या ऑनलाइन प्रोफाइल पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पैसे का लेनदेन करने से पहले एजेंसी और व्यक्ति की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
यह पूरा मामला सिर्फ साइबर ठगी का नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे और भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। डिजिटल दुनिया में जो कुछ दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता। अगर आपको भी किसी ऑनलाइन रिश्ते या एजेंसी पर जरा भी शक हो, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन की मदद लें, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी आपको एक बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।
यह भी पढ़ें: CM Yogi Unnao Visit: Lucknow-Kanpur के बीच चलेगी rapid rail, 570 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात







