CM Yogi ने लखनऊ में शुरू किया ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ अभियान, जल संरक्षण पर दिया जोर। DD News UP

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CM Yogi Speech on world environment day:5 जून का दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए बेहद खास रहा। इस दिन उनका जन्मदिन भी था और साथ ही पूरा विश्व पर्यावरण दिवस मना रहा था। इस दोहरे मौके पर राजधानी लखनऊ के कुकरैल रेंज में 'Ek Ped Maa Ke Naam' पौधरोपण महाभियान-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर गंभीर बातें तो हुईं ही, लेकिन इस दौरान एक ऐसा पल भी आया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री जब जनता को संबोधित कर रहे थे, तब कुछ ऐसा हुआ कि वह अपनी मुस्कुराहट रोक नहीं पाए और उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

जब भाषण के बीच मुस्कुराए मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान मंच से CM Yogi का भाषण चल रहा था। वह राज्य में सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं का जिक्र कर रहे थे। इसी बीच ‘हर घर जल नल’ योजना पर बात करते हुए उन्होंने चुटीले अंदाज में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “हमने योजना को आगे बढ़ाया तो पता लगा कि कोई टोटी ही चोरी कर ले जा रहा है, तो कोई दूसरे तरीके से नुकसान कर रहा है। कहीं नल खुला है तो खुला ही पड़ा है।”

इतना कहते ही मुख्यमंत्री खुद अपनी मुस्कान नहीं रोक सके। हालांकि उन्होंने अपने पूरे संबोधन में किसी भी नेता का नाम नहीं लिया।

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण को लेकर बड़े कदम

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए CM Yogi ने राज्य में पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए किए गए कामों का ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों के दौरान वन महोत्सव के मौकों पर उत्तर प्रदेश में अब तक 242 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति और मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तीन साल पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की थी। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश में आज बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि वे अपनी मां और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी भी लें।

पर्यावरण और जल संरक्षण पर दिया जोर

CM Yogi ने अपने भाषण में सिर्फ पेड़ लगाने पर ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी को रोकना हमारे भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। विकास प्राधिकरणों ने अब एक निश्चित एरिया से बड़े सभी रिहायशी और कमर्शियल भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संरक्षण) को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सहेजने का संकल्प लें।

इसके साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से बंद करने पर जोर दिया। सरकार इसके विकल्प के रूप में मिट्टी के बर्तनों और सामानों को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए माटी कला बोर्ड के जरिए कुम्हार समाज के लोगों को मुफ्त मिट्टी और सोलर चाक जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना लोगों को रोजगार मिल सके।

यह भी पढ़ें: Gyan Bharatam Mission और पर्यटन को लेकर CM Yogi की बड़ी बैठक, UP को मिलेगी नई वैश्विक पहचान

कुकरैल में कपूर का पौधा लगाकर की शुरुआत

world environment day के इस खास मौके पर सीएम योगी ने कुकरैल रेंज के अवध वन प्रभाग में खुद कपूर का पौधा लगाकर महाभियान की शुरुआत की। उनके साथ वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, केपी मलिक ने नीम और स्थानीय विधायक ने भी पौधरोपण किया। इस मौके पर वहां महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की गई, जहां कई तरह के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।

CM Yogi का यह अभियान और उनका संबोधन यह साफ संदेश देता है कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। राजनीतिक छींटाकशी से इतर, पेड़ लगाने और पानी बचाने की यह मुहिम आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक जरूरी प्रयास है।

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