Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के रक्षा और पर्यटन मानचित्र में आज एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। देश के रक्षा मंत्री व Lucknow के सांसद राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संयुक्त रूप से सीजी सिटी (CG City) में नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का भव्य लोकार्पण किया। इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर-5 के समीप विकसित की गई यह विशेष वाटिका भारतीय नौसेना के अदम्य साहस, वीरता और तकनीकी क्षमता को समर्पित है।
₹19 करोड़ की लागत से 2 एकड़ में तैयार हुआ नया पर्यटन स्थल
इस परियोजना को बेहद आधुनिक और आकर्षक स्वरूप में तैयार किया गया है:
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लागत और क्षेत्रफल: करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से इस वाटिका को 2 एकड़ से अधिक के विशाल क्षेत्र में विकसित किया गया है।
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प्रमुख आकर्षण INS गोमती: वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती है। मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड द्वारा निर्मित इस युद्धपोत ने ‘ऑपरेशन कैक्टस’ और 2001 में संसद हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन पराक्रम’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 28 मई 2022 को 34 साल की शानदार सेवा के बाद इसे कार्यमुक्त किया गया था, जिसके बाद इसके उपकरणों को इस वाटिका में स्थापित किया गया है।
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भविष्य की योजना: लोकार्पण के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हम बहुत जल्द ही नौसेना के इस ऐतिहासिक स्मारक में एक पनडुब्बी (Submarine) भी रखवाएंगे।

महत्वपूर्ण चौराहों पर स्थापित किए जाएं सेना के टैंक: मुख्यमंत्री योगी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि युद्धों में भारतीय सेना को ऐतिहासिक जीत दिलाने के बाद रिटायर किए गए टैंकों को उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर स्थापित किया जाना चाहिए। इससे युवाओं को निरंतर देश सेवा की प्रेरणा मिलेगी और समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान और बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि Lucknow आने वाला व्यक्ति अब इस वाटिका में भारत की सैन्य विरासत और सुरक्षा तंत्र को देखकर गौरव की अनुभूति कर सकेगा।

यूपी कभी समुद्र से दूर नहीं रहा: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी
वैश्विक स्तर पर चल रहे समुद्री संकटों के बीच कार्यक्रम में मौजूद नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और विकास का भविष्य समुद्र की सुरक्षा पर ही निर्भर है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मैरिटाइम म्यूजियम (नौसेना वाटिका) बनाने के तीन ऐतिहासिक और सामाजिक कारण बताए:
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ऐतिहासिक जुड़ाव: सदियों पहले जब ट्रेन जैसे साधन नहीं थे, तब गंगा और गोमती जैसी नदियां इस क्षेत्र को सीधे समुद्र से जोड़ती थीं और कनेक्टिविटी का माध्यम थीं।
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जहाज निर्माण में योगदान: प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के जंगलों की मजबूत लकड़ियों का इस्तेमाल भारतीय जहाजों को बनाने के लिए किया जाता था।
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मानव संसाधन की रीढ़: आज भी भारतीय नौसेना में सबसे ज्यादा ऑफिसर, सेलर, अग्निवीर और वेटरन्स (पूर्व सैनिक) उत्तर प्रदेश की धरती से ही आते हैं।

यह शौर्य वाटिका अब राजधानी के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को देश के मैरीटाइम इतिहास को करीब से समझने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की नई प्रेरणा देगी।







