योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला… अब महिलाएं कर सकेंगी नाइट शिफ्ट में काम, सुरक्षा के सख्त नियम लागू

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महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राज्य की महिलाएं औद्योगिक संस्थानों और कारखानों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। यह फैसला श्रम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। सरकार ने इस निर्णय के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, जिनमें कार्यस्थल पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, पर्याप्त रोशनी, महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और सुरक्षित परिवहन सुविधा अनिवार्य की गई है।

सरकार का मानना है कि यह निर्णय न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करेगा, बल्कि औद्योगिक विकास की रफ्तार को भी बढ़ाएगा। महिला कर्मकारों को अब रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति होगी, हालांकि इसके लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य होगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

राष्ट्रपति ने दी विधेयक को मंजूरी

महिलाओं के नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति को कानूनी आधार देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कारखाना (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2024 को मंजूरी दे दी है। इसके बाद यह कानून अब उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 14 वर्ष 2025 के रूप में लागू हो गया है।

संशोधित अधिनियम के तहत अब राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि वह कारखानों में कार्य अवधि को अधिकतम 12 घंटे प्रतिदिन तक निर्धारित कर सके। हालांकि साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे से अधिक नहीं होगी। पहले एक कर्मकार को अधिकतम नौ घंटे प्रतिदिन काम करने की अनुमति थी। नए संशोधन के बाद यह सीमा बढ़ाई गई है, जिससे उद्योगों को कार्य संचालन में लचीलापन मिलेगा और श्रमिकों को ओवरटाइम का लाभ भी प्राप्त होगा।

प्रमुख सचिव अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस संशोधन से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिलेगी। उनके अनुसार, यह कदम उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त प्रावधान

योगी सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसीलिए, सरकार ने हर फैक्ट्री और औद्योगिक इकाई को विस्तृत दिशा-निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। इन दिशा-निर्देशों में यह अनिवार्य किया गया है कि कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय, विश्राम कक्ष और परिवहन सुविधा की व्यवस्था की जाए।

साथ ही, रात की ड्यूटी करने वाली महिलाओं को घर से लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी भी नियोक्ता पर होगी। कार्यस्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन हेल्पलाइन की उपलब्धता जरूरी की गई है। किसी भी फैक्ट्री द्वारा इन नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला कर्मचारी केवल तभी नाइट शिफ्ट में काम करेंगी जब वे स्वयं लिखित सहमति देंगी। इससे उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी। यह नीति महिलाओं को अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार काम करने का अवसर प्रदान करती है, जिससे कार्यस्थलों पर समानता की भावना और मजबूत होगी।

यह भी पढ़े – यूपी में अब महिलाएं भी नाइट शिफ्ट में कर सकेंगी काम

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