World Junior Squash Championship : वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सम्मानित किया। इस अवसर पर महिला सिंगल्स में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली अनाहत सिंह और जूनियर पुरुष टीम के कांस्य पदक विजेता आर्यवीर दीवान, युशा नफीस और गुरवीर सिंह को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी गई। मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
अनाहत सिंह ने रचा इतिहास
18 वर्षीय अनाहत सिंह ने कनाडा में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में महिला सिंगल्स का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। यह चैंपियनशिप में उनकी पांचवीं भागीदारी थी और विश्व जूनियर स्तर पर उनका दूसरा पदक है। इससे पहले वर्ष 2025 में काहिरा में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था।
फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को हराया
अनाहत सिंह ने फाइनल मुकाबले में मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे 3-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल का परिचय दिया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत को भारतीय स्क्वैश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता देश में स्क्वैश के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मांडविया ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
सम्मान समारोह के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों से अनौपचारिक बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक शुरुआत है और आने वाले वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों के सामने एशियन गेम्स 2026 और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 जैसे बड़े लक्ष्य हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर मेहनत करने और देश के लिए और अधिक पदक जीतने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत लाखों भारतीय युवाओं को स्क्वैश अपनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम के दौरान अनाहत सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अपने हस्ताक्षर वाला स्क्वैश रैकेट और स्क्वैश बॉल भेंट की। खिलाड़ियों और मंत्री के बीच आत्मीय माहौल में बातचीत हुई तथा सभी ने स्मृति के रूप में सेल्फी भी लीं। यह सम्मान समारोह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक साबित हुआ। भारतीय स्क्वैश के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि स्क्वैश पहली बार लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का हिस्सा बनने जा रहा है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का वर्तमान प्रदर्शन भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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