UP के किसानों के लिए एक बहुत जरूरी अपडेट सामने आया है। अगर आप खेती-किसानी से जुड़े हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हैं, तो अब आपको अपनी फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र तैयार रखनी होगी। सरकार ने इसे अनिवार्य करने का फैसला लिया है, जिसके लिए 31 मई तक की समय सीमा तय की गई है।
1 जून से लागू होंगे नए नियम
शासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि 1 जून से फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया जाए। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में कृषि विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा है। दरअसल, पिछले दो साल से फार्मर रजिस्ट्री का काम चल रहा है, जिसका मकसद किसानों की जमीन का सारा ब्यौरा एक ही पोर्टल पर लाना है। इस डिजिटल आईडी के आते ही किसी भी किसान की जानकारी बस एक क्लिक पर मिल जाएगी, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
योजनाओं का लाभ लेना होगा आसान
इस आईडी के बनने के बाद खाद की खरीद हो या न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की बिक्री, सब कुछ इसी के जरिए होगा। जो किसान 31 मई तक अपनी आईडी अपडेट नहीं कराएंगे, उन्हें आने वाले समय में सरकारी लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में करीब दो करोड़ किसानों की आईडी तैयार हो चुकी है, लेकिन लक्ष्य अभी दूर है। इसीलिए अब गांवों में विशेष शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है।
चकबंदी वाले गांवों के लिए विशेष व्यवस्था
जिन गांवों में अभी चकबंदी या सर्वे का काम चल रहा है, वहां के किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि उन क्षेत्रों में पुरानी व्यवस्था के तहत भी खरीद प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि, वहां भी जमीन की कुल सीमा का ध्यान रखा जाएगा ताकि पारदर्शी तरीके से लाभ दिया जा सके।
सरकार का यह कदम खेती-किसानी को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। अगर आपकी आईडी अभी तक नहीं बनी है, तो समय रहते अपने नजदीकी कैंप या संबंधित विभाग से संपर्क करें। यह न केवल आपके काम को आसान बनाएगी, बल्कि बिचौलियों से भी आपको बचाएगी।
यह भी पढ़ें: Kanpur double murder case: दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने की जुड़वां बेटियों की हत्या







