उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला अधिकारी को मैट्रिमोनियल साइट पर जीवनसाथी की तलाश करना भारी पड़ गया। जालसाज ने खुद को एयरपोर्ट अथॉरिटी में अधिकारी बताकर महिला को प्रेम और शादी के झांसे में फंसाया और धीरे-धीरे उससे 2.77 लाख रुपये ठग लिए।पीड़िता उत्तराखंड के बागेश्वर की रहने वाली हैं और लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में स्थित एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शादी के लिए एक मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान 20 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने अपना नाम सिद्धार्थ अग्रवाल बताया और खुद को Airports Authority of India में ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर बताया। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपी ने महिला को शादी का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होती रही। धीरे-धीरे जालसाज ने विभिन्न बहानों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। 22 दिसंबर 2025 से 13 मार्च 2026 के बीच महिला से कुल 52 बार में 2,77,430 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। कुछ समय बाद जब पीड़िता को शक हुआ तो उन्होंने पूरे मामले की जांच की, जिसमें यह साफ हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने गोमतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसी तरह के दो अन्य साइबर ठगी के मामले भी सामने आए हैं। काकोरी क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय कंचन के बैंक खातों से साइबर जालसाजों ने चार ट्रांजेक्शन में 1,49,696 रुपये निकाल लिए। रुपये कटने का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने काकोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, कैंट क्षेत्र के नीलमथा शारदानगर निवासी कैलाश गुरुंग के साथ भी ऑनलाइन ठगी हुई। उन्होंने फेसबुक पर गाड़ी के सामान की बिक्री का एक पेज देखा और संपर्क किया। जालसाजों ने उन्हें भरोसे में लेकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 73,100 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में डिलीवरी न मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ, जिसके बाद उन्होंने कैंट कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की तलाश की जा रही है।
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