Jammu Srinagar National Highway closed : जम्मू-कश्मीर से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और अहम खबर है। उधमपुर जिले में हुए भारी भूस्खलन के कारण सोमवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को पूरी तरह से यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे सड़क की स्थिति जांचे बिना इस मार्ग पर सफर करने से बचें। आइए जानते हैं क्या है राजमार्ग का ताजा हाल और सड़क खुलने को लेकर क्या तैयारियां चल रही हैं।
देवल इलाके में गिरा मलबे का पहाड़
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, उधमपुर जिले के देवल इलाके में अचानक पहाड़ से भारी मलबे और पत्थरों के गिरने के कारण राजमार्ग बाधित हो गया है। इलाके में लगातार अनिश्चित मौसम की वजह से पत्थरों के और गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके बाद एहतियात के तौर पर ट्रैफिक को तुरंत रोक दिया गया ताकि किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।
सड़क साफ करने का काम तेजी से जारी
मार्ग बाधित होते ही प्रभावित स्थान पर सड़क निकासी टीमों और भारी मशीनों की तैनाती कर दी गई है। मलबे को हटाने और सड़क को जल्द से जल्द चालू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता और फिर से भूस्खलन की आशंका के कारण राहत कार्य में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं।
अफवाहों से बचें और कंट्रोल रूम से करें संपर्क
ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही असत्यापित जानकारी या अफवाहों पर बिल्कुल भी यकीन न करें। किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले जम्मू, श्रीनगर या रामबन स्थित ट्रैफिक कंट्रोल रूम (TCR) से संपर्क करके ताजा अपडेट जरूर ले लें। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक हैंडल पर भी इसकी सही जानकारी दी जा रही है। यह राजमार्ग कश्मीर घाटी को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य सड़क संपर्क है, जिससे अमरनाथ यात्री और पर्यटक भी आवाजाही करते हैं।
डोडा में पुराने गाड़ी पुल पर भी रोकी गई आवाजाही
दूसरी ओर, डोडा जिले में बीते कई दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद एक और चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। डोडा के पुराने गाड़ी पुल में दरारें आने की खबर मिलने के बाद गाड़ियों की आवाजाही को एहतियातन रोक दिया गया है। पीडब्ल्यूडी (PWD) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनिल मेहरा ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल को बंद किया गया है और एक्सपर्ट्स की टीम पुल के ढांचे की जांच कर रही है। जब तक हरी झंडी नहीं मिल जाती, तब तक ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया गया है।






