UP Board Toppers: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोकभवन में सोमवार को राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का बेहद भव्य आयोजन किया गया. इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए UP Board, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को अपने हाथों से पुरस्कृत किया. सरकार की ओर से इन प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन के रूप में एक-एक लाख रुपये की नकद राशि, एक-एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र सौंपे गए. इसके साथ ही, प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तर पर शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाले 1459 विद्यार्थियों को भी इस विशेष अभियान के तहत सम्मानित किया जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री ने 11 विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी शॉल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.
UP Board छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की सराहना, छात्रों को दी प्रेरणा लेने की सीख
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सुखद परिणाम विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और लगन का जीवंत प्रमाण है. इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कुल 223 राज्य स्तरीय टॉपर्स में से 138 छात्राएं और केवल 85 छात्र शामिल हैं, जो बेटियों की कड़ी मेहनत को दर्शाता है. माध्यमिक शिक्षा परिषद के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि हाईस्कूल के 115 मेधावियों में 81 छात्राएं और इंटरमीडिएट में 14 छात्राएं शीर्ष सूची में हैं. सीएम योगी ने चुटीले अंदाज में लड़कों को नसीहत देते हुए कहा कि छात्राएं घर के कामकाज में माता-पिता का हाथ बंटाने के बावजूद पढ़ाई में अव्वल आ रही हैं, इसलिए छात्रों को उनसे कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए.
नकल विहीन परीक्षा प्रणाली से शिक्षा व्यवस्था में आया बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री ने राज्य की पिछली व्यवस्थाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज से नौ साल पहले उत्तर प्रदेश में ऐसे गरिमामयी सम्मान समारोह की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, क्योंकि उस दौर में परीक्षाएं बड़े पैमाने पर होने वाली नकल के भरोसे चलती थीं. उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले बाहरी राज्यों के छात्र भी यूपी में केवल नकल के ठेके के चलते परीक्षा देने आते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने पूरी तरह से पारदर्शी और नकल विहीन परीक्षा प्रणाली को लागू कर इस पर पूरी तरह लगाम लगाई है. उन्होंने शिक्षकों को भी संदेश दिया कि परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को डराना या हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना होना चाहिए. अब राज्य में प्रॉक्सी शिक्षकों की व्यवस्था खत्म हो चुकी है और पूरी शुचिता के साथ समय पर परीक्षाएं संपन्न कराई जा रही हैं.
अभिभावक बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें: गुलाब देवी
इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में लाखों बच्चों के बीच सर्वोच्च स्थान पाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे मेधावियों ने अपनी रात-दिन की मेहनत से आसान बना दिया. उन्होंने छात्रों को सचेत करते हुए कहा कि यह सफलता जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है, इसलिए बिना विचलित हुए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें. अभिभावकों को परामर्श देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बच्चे हाईस्कूल या उच्च कक्षाओं में आ जाएं, तो उनके साथ दोस्तों जैसा व्यवहार करें ताकि वे अपने मन की बातें साझा कर सकें. उन्होंने आधुनिक दौर में बच्चों द्वारा मोबाइल के सही उपयोग की निगरानी करने और शिक्षकों को समाज में एक आदर्श आचरण प्रस्तुत करने की भी अपील की.
