Sawan Shivratri at Kashi Vishwanath: सावन महीने की शिवरात्रि के पावन अवसर पर वाराणसी स्थित बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में आस्था का सुंदर नजारा देखने को मिल रहा है। तड़के मंगला आरती के समय से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे ही सुबह कपाट खुले, बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इस खास मौके पर पूरे विश्वनाथ धाम को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है।
बाबा विश्वनाथ जलाभिषेक का धार्मिक महत्व
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव को जल, दूध, दही और बेलपत्र अर्पित करने से विशेष फल मिलता है। इसी मनोकामना के साथ देश के कोने-कोने से आए भक्त घंटों कतारों में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु कमलेश कुमार ने बताया कि शिवरात्रि पर बाबा के दर्शन पाकर मन को शांति मिली है और यहां रुकने तथा दर्शन की व्यवस्थाएं काफी अच्छी हैं। वहीं एक अन्य श्रद्धालु अरुण कुमार झा ने कहा कि सावन के पूरे महीने बाबा के जलाभिषेक का बहुत बड़ा महत्व है और प्रशासन का प्रबंधन भी सराहनीय है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और अन्य शिवालयों का हाल
धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और परिसर पर ड्रोन कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। सावन शिवरात्रि का यह उत्साह केवल काशी में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी दिखाई दे रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध श्री बाबुलनाथ मंदिर और बिहार के पटना स्थित शिव मंदिरों में भी सुबह से ही भक्त जलाभिषेक कर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहे हैं।







