Sardar Patel Jayanti 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की

Sardar Patel Jayanti 2026

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Sardar Patel Jayanti 2026: शनिवार को पूरा देश आधुनिक भारत के शिल्पकार और ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मना रहा है। स्वतंत्र भारत को एक मजबूत भौगोलिक और राजनीतिक पहचान देने वाले महान राष्ट्रनायक के जन्मदिवस ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

पटेल चौक पर कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की

राजधानी नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस गरिमामय अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने भी पुष्पांजलि अर्पित की।

वहीं, गुजरात के एकता नगर में स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह पहुंचकर सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व

31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार पटेल एक कुशल वकील, स्वतंत्रता सेनानी और आजाद भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री थे। देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वर्ष 2014 में उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। वर्ष 2026 में मनाई जा रही यह 151वीं जयंती केवल पटेल के योगदान को स्मरण करने का दिन नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा का संकल्प दोहराने का अवसर भी है।

‘रन फॉर यूनिटी’ और 500 से अधिक रियासतों का एकीकरण

आजादी के समय सरदार पटेल ने अदम्य इच्छाशक्ति और कुशल कूटनीति का परिचय देते हुए 500 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराया। इस अभूतपूर्व राजनीतिक एकीकरण के कारण ही उन्हें ‘भारत का एकीकरणकर्ता’ और ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष ‘रन फॉर यूनिटी’ और एकता मार्च का आयोजन किया जाता है। इस बार एकता नगर में शाम के समय ‘रन फॉर यूनिटी’ आयोजित की जा रही है, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बनासकांठा के एक कार्यक्रम से युवाओं को बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया था। 15 दिसंबर 1950 को अंतिम सांस लेने वाले सरदार पटेल का योगदान भारत के इतिहास में अमर है।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी का गुजरात दौरा, 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की देंगे सौगात

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