संभल में अवैध मदरसे पर बुलडोजर एक्शन | Sambhal Bulldozer Action

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उत्तर प्रदेश के Sambhal जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासनिक अभियान जारी है। इसी क्रम में नरौली नगर पंचायत क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन पर बने एक कथित अवैध मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

285 वर्ग मीटर जमीन पर था निर्माण

प्रशासन के अनुसार, संबंधित निर्माण करीब 285 वर्ग मीटर ग्राम समाज की भूमि पर किया गया था। राजस्व विभाग की पैमाइश में पाया गया कि यह जमीन खाद के गड्ढों और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि भूमि पर निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी। ग्राम समाज की गाटा संख्या-1635 और 1636 की 285 वर्ग मीटर जमीन पर पिछले 6 साल पहले मदरसा बंजारी कुआं के नाम से एक मदरसा संचालित किया गया था।

पूरे मामले की शिकायत के बाद आठ सितंबर 2023 को लेखपाल ने उक्त भूमि की पैमाइश करते हुए अवैध कब्जे की रिपोर्ट प्रेषित की। इसके बाद जून 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए, लेकिन मदरसा कमेटी के लोग एडीएम कोर्ट में अपील करने आए। वहां से अपील खारिज होने के बाद अब गुरुवार को धारा-67 के तहत मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। तहसील स्तर पर नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समयावधि में अनुपालन नहीं होने पर मामला एडीएम कोर्ट पहुंचा।

 Sambhal

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भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

कार्रवाई के दिन एसडीएम आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में राजस्व टीम और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पहले परिसर को खाली कराया गया, उसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को गिरा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।

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अन्य निर्माण भी प्रशासन के निशाने पर

प्रशासन ने यह भी बताया कि खाद के गड्ढों और रास्ते की भूमि पर बने 7 से 8 अन्य मकानों को भी चिह्नित किया गया है। इन निर्माणों को खाली कराने और हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित गाटा संख्या की भूमि को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा।

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बच्चों को अन्य स्थान पर किया गया शिफ्ट

अधिकारियों के अनुसार, ध्वस्तीकरण से पहले मदरसे को पूरी तरह खाली करा लिया गया था। वहां अध्ययनरत बच्चों को गांव में ही निजी भूमि पर संचालित दूसरे मदरसे में स्थानांतरित कर दिया गया है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। संभल में हुई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि ग्राम समाज या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर मुठभेड़: 40 मुकदमों का आरोपी अमजद ढेर, दो पुलिसकर्मी घायल

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