RBI Repo Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जिसने आज पॉलिसी रेपो रेट में 25 BASIS POINTS की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। RBI की मौद्रिक नीति समिति ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि व्यापक आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों के आकलन के बाद मौद्रिक नीति को सख्त करने का निर्णय लिया गया है। रेपो रेट बढ़ने के बाद SDF रेट 5.25 प्रतिशत, जबकि MSF रेट और बैंक रेट 5.75 प्रतिशत हो गए हैं।
RBI का यह फैसला महंगाई के दबाव और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों को देखते हुए आया है। अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत रही थी। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दरों में बढ़ोतरी और ऊंची अमेरिकी Treasury yield का भी असर रहा। दूसरी ओर, घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। अब आने वाले महीनों में महंगाई और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर RBI की मौद्रिक नीति की दिशा तय होगी।
3 साल बाद फिर बढ़ा रेपो रेट
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फरवरी 2023 के बाद पहली बार आरबीआई ने ब्याज दरों (Repo Rate) में बढ़ोतरी का रुख अपनाया है। इससे पहले साल 2025 में महंगाई में राहत मिलने पर आरबीआई ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट (1.25%) की कटौती की थी। हालांकि, अब हालिया भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों को देखते हुए आरबीआई को दरों में बढ़ोतरी का सख्त फैसला लेना पड़ा है।
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