Poonch News: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास शुक्रवार को सुरक्षा बलों की सतर्कता से एक बड़ा खतरा टल गया। सेना के जवानों ने मनकोट सेक्टर में मिले एक पुराने और जिंदा मोर्टार शेल (Live Mortar Shell) को समय रहते खोज निकाला और उसे सुरक्षित तरीके से निष्प्रभावी कर दिया।
नियंत्रित धमाके के साथ किया नष्ट
यह घटना पुंछ के डबराज इलाके की है, जहां स्थानीय लोगों ने संदिग्ध वस्तु देखने के बाद सेना को सूचित किया। इसके तुरंत बाद भारतीय सेना का बम डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीएस) मौके पर पहुंचा। टीम ने पूरे इलाके को घेरकर एक कंट्रोल्ड ऑपरेशन के तहत इस मोर्टार शेल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। गनीमत यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के जिंदा मोर्टार मिलना कोई नई बात नहीं है। दरअसल, पहले हुई सीमा पार से गोलाबारी के दौरान कई बार ये शेल बिना फटे ही जमीन में दब जाते हैं। जब किसान खेतों में जुताई करते हैं या फिर तेज बारिश के कारण मिट्टी बहती है, तो ये खतरनाक शेल सतह पर आ जाते हैं।
सुरक्षा बलों की सावधानी की अपील
सेना के बम डिस्पोजल स्क्वाड लगातार ऐसे अभियानों को अंजाम देकर ग्रामीणों की जान बचाते हैं। प्रशासन ने एलओसी के पास रहने वाले लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी अनजान या संदिग्ध धातु जैसी चीज दिखे, तो उसे बिल्कुल न छुएं और न ही हिलाएं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सैन्य कैंप या पुलिस स्टेशन को खबर दें ताकि बीडीएस की टीम मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित निष्प्रभावी कर सके।
लैंडमाइन और प्राकृतिक चुनौतियां
पुंछ, राजौरी, बारामूला और अखनूर जैसे सीमावर्ती इलाकों में केवल मोर्टार शेल ही नहीं, बल्कि लैंडमाइन भी एक बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए सेना सुरक्षा घेरे के रूप में माइन्स बिछाती है।
लेकिन बारिश और बाढ़ के कारण ये माइन्स अपनी जगह से खिसककर खेतों या ढलानों तक आ जाते हैं। गर्मी और पतझड़ के दिनों में जंगलों में लगने वाली आग के कारण अक्सर ये पुराने शेल और माइन्स अपने आप फट जाते हैं, जिससे बड़ा हादसा होने से बच जाता है।







