प्रधानमंत्री का आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु दौरा: सत्य साईं बाबा शताब्दी समारोह और दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन की महत्वपूर्ण घोषणाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का दौरा करेंगे, जहां वे भगवान श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेंगे और दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरे में प्रधानमंत्री दो प्रमुख कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, जो न केवल भारतीय कृषि के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं का भी हिस्सा हैं।

पुट्टापार्थी में श्री सत्य साईं बाबा के स्मारक सिक्के और डाक टिकट का विमोचन

प्रधानमंत्री मोदी का दौरा पुट्टापार्थी, आंध्र प्रदेश में भगवान श्री सत्य साईं बाबा के पवित्र तीर्थ स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से शुरू होगा। प्रधानमंत्री लगभग 10 बजे बाबा के महासमाधि स्थल पर पहुंचेंगे और श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इसके बाद, वे भगवान श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होंगे, जिसमें वे बाबा की शाश्वत विरासत, उनके जीवन और शिक्षाओं को सम्मानित करने के लिए विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का सेट जारी करेंगे। यह आयोजन सत्य साईं बाबा की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है, जिनका संदेश मानवता, सेवा, और धार्मिक एकता पर आधारित है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे और बाबा के जीवन के संदेशों को युवाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देंगे।

कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम कोयंबटूर, तमिलनाडु में आयोजित होने वाला दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन है। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर 2025 तक तमिलनाडु प्राकृतिक कृषि हितधारक मंच द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रासायनिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है, ताकि भारतीय कृषि को टिकाऊ, जलवायु अनुकूल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। सम्मेलन में 50,000 से अधिक किसान, उत्पादक संगठन, जैविक इनपुट आपूर्तिकर्ता, कृषि वैज्ञानिक, और ग्रामीण उद्यमी भाग लेंगे। इसमें जैविक कृषि पद्धतियों, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यावरण-friendly पैकेजिंग, और स्वदेशी तकनीकों में नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद, पीएम-किसान योजना के तहत 9 करोड़ किसानों के लिए 18,000 करोड़ रुपये की 21वीं किस्त जारी करेंगे। यह योजना भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता है, जिससे वे कृषि कार्यों में आधुनिकता और सशक्तता ला सकते हैं। प्रधानमंत्री इस मौके पर किसानों से संवाद करेंगे और उनके हित में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को साझा करेंगे।

प्राकृतिक कृषि की दिशा में भारत का भविष्य

दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का आयोजन किसानों और कृषि-व्यवसायियों के लिए बाज़ार संपर्क स्थापित करने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करेगा। इसमें विभिन्न राज्यों के किसान एकत्र होंगे और आपस में विचार-विमर्श करेंगे, जिससे उनके अनुभवों को साझा करने और प्राकृतिक कृषि की दिशा में नवाचार करने का मौका मिलेगा। सम्मेलन में जैविक इनपुट, कृषि-प्रसंस्करण, पैकेजिंग और स्वदेशी तकनीकों की चर्चा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि के परंपरागत और आधुनिक रूपों को संयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। यह सम्मेलन विशेष रूप से भारत में कृषि के भविष्य के लिए व्यावहारिक, जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का एक प्रभावी मंच होगा।

किसानों के लिए अहम योजनाएं और प्रधानमंत्री का संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए की जा रही पहलें भारतीय किसानों को नई उम्मीदें दे रही हैं। पीएम-किसान योजना के तहत लगातार वित्तीय मदद और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए यह सम्मेलन अहम साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी कृषि सुधारों और किसानों की मदद के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है, जिनका असर भारतीय कृषि क्षेत्र में देखा जा रहा है।

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