Philippines earthquake: कुदरत के कहर ने एक बार फिर Philippines को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार की सुबह देश के लिए एक बड़ी आपदा लेकर आई, जब मिंडानाओ द्वीप के पास बेहद शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है, जो किसी भी इलाके को पूरी तरह तबाह करने के लिए काफी है। इस तबाही में अब तक कम से कम 8 लोगों की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप इतना भीषण था कि इससे कई व्यावसायिक इमारतें, दुकानें और दफ्तर ताश के पत्तों की तरह ढह गए या उनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के मुताबिक, यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह करीब 5:07 बजे आया। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों का कहना है कि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 35 किलोमीटर गहराई में था, जिसकी वजह से इसके झटके बहुत दूर तक और बेहद खतरनाक तरीके से महसूस किए गए।
इमारतों में आईं दरारें और कई इलाकों की बत्ती गुल
भूकंप का सबसे ज्यादा असर जनरल सैंटोस सिटी और उसके आस-पास के प्रांतों में देखने को मिला है। स्थानीय पुलिस प्रशासन के मुताबिक, भूकंप के तेज झटके लगते ही लोग गहरी नींद से जाग गए और जान बचाने के लिए अपने घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों की तरफ भागे। अफरा-तफरी के इस माहौल में डर के मारे कुछ लोग मौके पर ही बेहोश हो गए।
शहरी इलाकों में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की वजह से कई बड़े हिस्सों में ब्लैकआउट हो गया है, यानी बिजली पूरी तरह गुल है। पुलिस स्टेशनों और सरकारी इमारतों की दीवारों में भी गहरी दरारें देखी गई हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह उनके जीवन का अब तक का सबसे भयावह और शक्तिशाली भूकंप था। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की सभी टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए हैं।

समुद्र में उठीं लहरें, पड़ोसी देशों में भी सुनामी का अलर्ट
इस शक्तिशाली भूकंप के फौरन बाद मिंडानाओ द्वीप के तटीय इलाकों में Tsunami का खतरा मंडराने लगा। Philippines के छह अलग-अलग तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें अचानक उग्र हो गईं और वहां करीब 4.6 फीट (1.4 मीटर) तक ऊंची सुनामी की लहरें दर्ज की गईं। खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने तुरंत निचले और तटीय इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया।
इस भूकंप का असर सिर्फ Philippines तक सीमित नहीं रहा। समुद्र में पैदा हुई इस हलचल की वजह से पड़ोसी देश इंडोनेशिया, मलेशिया और यहां तक कि जापान ने भी अपने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी यानी एडवाइजरी जारी कर दी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कुछ घंटों के बाद लहरों की रफ्तार कम होने पर इन देशों ने चेतावनी वापस ले ली। अमेरिकी Tsunami चेतावनी प्रणाली ने गुआम द्वीप के लिए भी अलर्ट जारी किया था, लेकिन बाद में साफ किया गया कि अमेरिका और कनाडा के तटों को इससे कोई खतरा नहीं है।

138 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई लोगों की चिंता
मुख्य भूकंप के आने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। Philippines के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान (फिवोल्क्स) ने बताया कि दोपहर तक इलाके में 138 से ज्यादा आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) दर्ज किए जा चुके हैं। इन छोटे झटकों की तीव्रता 1.3 से लेकर 6.7 तक रही है।
लगातार आ रहे इन झटकों की वजह से उन इमारतों के गिरने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है, जो मुख्य भूकंप के कारण पहले ही कमजोर हो चुकी हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने बड़े भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स का सिलसिला कई दिनों या हफ्तों तक चल सकता है, इसलिए लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।
‘रिंग ऑफ फायर’ में होने के कारण हमेशा रहता है खतरा
Philippines, इंडोनेशिया और जापान जैसे देश भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के बेहद संवेदनशील हिस्से ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) क्षेत्र में आते हैं। यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र है, जहां धरती के अंदर की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार आपस में टकराती रहती हैं। इसी वजह से इस पूरे बेल्ट में अक्सर बेहद शक्तिशाली भूकंप आते हैं और सक्रिय ज्वालामुखी भी फटते रहते हैं। यही कारण है कि फिलीपींस को दुनिया के सबसे संवेदनशील आपदा प्रभावित देशों में गिना जाता है, जहां हर साल दर्जनों भूकंप और विनाशकारी समुद्री तूफान तबाही मचाते हैं।
