Ola Electric Loss : ओला को मार्च तिमाही में ₹500 करोड़ का घाटा, सालभर में 29% टूटा शेयर

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Ola Electric Loss : अगर आप भी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में दिलचस्पी रखते हैं या शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश की बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। नतीजे देखने के बाद यह साफ है कि कंपनी अभी भी घाटे के दौर से बाहर नहीं निकल पा रही है। आज हम आसान शब्दों में समझेंगे कि ओला के बिजनेस में इस वक्त क्या चल रहा है और कंपनी को कितना नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की मार्च तिमाही (जनवरी से मार्च 2026) में भारी Ola Electric Loss देखने को मिला है। ओला इलेक्ट्रिक को इस चौथी तिमाही में करीब ₹500 करोड़ का नेट लॉस यानी शुद्ध घाटा हुआ है। हालांकि, अगर हम पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें (जब कंपनी को ₹870 करोड़ का घाटा हुआ था), तो कंपनी ने अपने सालाना घाटे को लगभग 42.5% कम जरूर किया है। लेकिन परेशानी की बात यह है कि पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के मुकाबले कंपनी का घाटा 2.7% बढ़ गया है।

रेवेन्यू में आई बहुत बड़ी गिरावट

घाटे के साथ-साथ कंपनी की कमाई यानी ऑपरेशंस रेवेन्यू के मोर्चे पर भी बुरी खबर है। मार्च तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का रेवेन्यू सालाना आधार पर 56.6% की भारी गिरावट के साथ सिर्फ ₹265 करोड़ रह गया है। पिछले साल इसी दौरान कंपनी ने ₹611 करोड़ की कमाई की थी। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें, तो सालभर का कुल रेवेन्यू भी लगभग आधा होकर ₹2,253 करोड़ पर आ गया है।

कंपनी ने खर्चों में की भारी कटौती

जब कमाई कम होने लगी, तो ओला ने अपने खर्चों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया। कंपनी ने मार्च तिमाही के दौरान अपने खर्चों को 58.2% तक घटाकर ₹546 करोड़ कर दिया। यही वजह है कि पूरे साल का कुल Ola Electric Loss पिछले साल के ₹2,276 करोड़ के मुकाबले इस बार थोड़ा घटकर ₹1,833 करोड़ रह गया है। खर्चों को कम करके कंपनी अपने नुकसान की रफ्तार को रोकने की कोशिश कर रही है।

बाजार से नया फंड जुटाने की तैयारी

लगातार हो रहे नुकसान के बीच कंपनी अपनी नकदी यानी लिक्विडिटी की स्थिति को सुधारने में जुटी है। बिजनेस को सही तरीके से चलाने और पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए ओला इलेक्ट्रिक अब शेयर बाजार से अतिरिक्त पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी एक ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट’ यानी QIP लाने की तैयारी में है, जिसके जरिए बड़े संस्थागत निवेशकों से फंड जुटाया जाएगा।

शेयरधारकों को लगा बड़ा झटका

इस लगातार बढ़ते Ola Electric Loss का सीधा असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल रहा है। बाजार में ओला का शेयर लगातार कमजोर हो रहा है और यह गिरकर ₹36.50 के स्तर पर बंद हुआ है। अगर पिछले एक साल का रिकॉर्ड देखें, तो निवेशकों को भारी निराशा हाथ लगी है क्योंकि एक साल के भीतर ओला का शेयर करीब 28.60% तक टूट चुका है। इस गिरावट के बाद अब कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 15.46 हजार करोड़ रुपए रह गया है।

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